रांची : इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर्स नयी दिल्ली के चेयरमैन प्रो डॉ केटीवी रेड्डी ने कहा कि आइइटीइ का कार्यक्रम टेक्निकल एजुकेशन के क्षेत्र में विद्यार्थियों का न सिर्फ स्किल डेवलप कर रहा है, बल्कि उनकी ग्लोबल पहचान को भी बढ़ा रहा है. रांची शाखा की ओर से सहयोग भी मिल रहा है.
यही नहीं, आइइटीइ टेक्निकल यूनिवर्सिटी को हर तरह का सहयोग दिया जा रहा है. यहां और शाखाएं खुलने पर आइटी एंड टेलीकम्युनिकेशन क्षेत्र के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ भी जुड़ेंगे. प्रो रेड्डी शनिवार को माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटिंग एंड कम्यूनिकेशन सिस्टम पर शुरू हुए दो दिवसीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. यह सम्मेलन आइइटीइ रांची, बीएसएनएल झारखंड व वीएलआइ सोसाइटी रांची के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है. वहीं, सम्मेलन में ले. जनरल डॉ एसकेएस चंदेल ने बताया कि आइटी के क्षेत्र में डिमांड 50 वर्षों में कई गुना बढ़ गयी है और स्किल प्रोफेशनल्स की मांग ग्लोबल स्तर पर रही है.
मौके पर अवध विवि अयोध्या के प्रति कुलपति डॉ एसएन शुक्ल ने कहा कि रोजगारपरक कोर्स में आइटी एंड टेलीकॉम्यूनिकेशन सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला है और डिजिटल आंदोलन में इसकी संख्या बढ़ता जा रहा है. आइइटीइ पूर्वी क्षेत्र के मेंटर डॉ एपी ठाकरे ने बताया कि आइइटीइ रांची सेंटर उच्च स्तरीय सम्मेलन का आयोजन करता आ रहा है.
ब्रनो विवि चेक रिपब्लिक से आये प्रो डॉ मार्टिन ने आइइटीइ रांची द्वारा आयोजित सम्मेलन की प्रशंसा की. अपने स्वागत भाषण में आइइटीइ के चेयरमैन केके ठाकुर ने सम्मेलन की रूपरेखा को रखा. सम्मेलन के पहले दिन 50 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये. सम्मेलन में डॉ आनंद कुमार ठाकुर, अजय कुमार, संजय कुमार झा, डॉ अरुण कुमार, रामेश्वर, सामंता समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे
