पतियों के चुनावी समर में सारथी की भूमिका निभा रही पत्नियां

चुनाव प्रचार के साथ-साथ पतियों के स्वास्थ्य व अन्य जरूरतों का ख्याल रख रहीं पत्नियां चुनाव की सरगरमी तेज है़ नेताओं के साथ उनकी पत्नियां भी चुनावी मैदान में अपनी भूमिका निभा रही हैं. कुछ घर में सहयोग कर रही हैं, तो कुछ चौखट के बाहर निकल कर मोरचा संभाल रही है़ं पति का ख्याल […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
चुनाव प्रचार के साथ-साथ पतियों के स्वास्थ्य व अन्य जरूरतों का ख्याल रख रहीं पत्नियां
चुनाव की सरगरमी तेज है़ नेताओं के साथ उनकी पत्नियां भी चुनावी मैदान में अपनी भूमिका निभा रही हैं. कुछ घर में सहयोग कर रही हैं, तो कुछ चौखट के बाहर निकल कर मोरचा संभाल रही है़ं पति का ख्याल रखने के साथ-साथ वोटरों को भी समझा रही है़ं अपने राजनीतिक कौशल का परिचय दे रही है़ं रांची की प्रतिष्ठित लोकसभा सीट पर कई दावेदार मैदान में है़ं भाजपा से संजय सेठ, कांग्रेस से सुबोधकांत सहाय और निर्दलीय के रूप में वर्तमान सांसद रामटहल चौधरी मैदान में है़ं वरीय संवाददाता लता रानी ने प्रत्याशियों की पत्नियों से बात की़
बूथ-बूथ घूम रहीं सुबोधकांत की अभिनेत्री पत्नी रेखा
रांची सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय की पत्नी रेखा सहाय जानी-मानी फिल्म व टेलीविजन कलाकार हैं. लोकप्रिय टीवी सीरियल सर्कस से फेम में आयी रेखा सहाय अपना नाटक कंपनी भी चलाती हैं. रेखा सहाय कहती हैं कि पति के हर कदम में वह उनके साथ हैं. सुबोध जी पूरे परिवार के लोगों की भावनाओं का ख्याल रखते हैं.
जनता के बीच रह कर भी चाइल्ड केयरिंग है़ं कहती हैं कि चुनाव में जीत हार से उन्हें फर्क नहीं पड़ता़ यह तो जनता तक पहुंचने का एक माध्यम है. उम्मीद है कि जनता का आशीर्वाद जरूर मिलेगा. बताती है कि जब गांव देहात में जाती हैं, तब पता चलता है कि उनके पति ने कितना समय फील्ड में दिया है़ कहती हैं कि यह बंदा इसी के लिए बना भी है़ शुरू में थोड़ी परेशानी हुई पर बहुत जल्द समझ में आ गया कि यह पब्लिक के लिए बने हैं, तो भलाई इसी में है कि पीछे से इनका सहयोग कर आगे फोकस करूं.
रामटहल चौधरी की पत्नी सावित्री कर रही हैं पूजा-पाठ
भाजपा से बगावत के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में रांची लोकसभा सीट से खड़े सांसद रामटहल चौधरी की पत्नी सावित्री देवी सुगनू दीपा टोली रांची की रहनेवाली है़ श्री चौधरी से उनकी शादी बहुत ही कम उम्र में ही हो गयी थी़
वह बताती हैं कि पहले तो शादियां कम उम्र में हो जाती थी़, इसलिए उनकी शादी भी 13 साल की उम्र में ही हो गयी. दो बेटे और दो बेटियां और नाती पोते से हंसता-खेलता परिवार है हमारा़ वह बताती हैं कि चुनावी जंग में हर कदम में अपने पति के साथ हैं. यह सच है कि उम्र हो गयी है, तो उनके प्रचार-प्रसार में उनके साथ निकल नहीं पा रही हैं. लेकिन हर सुबह उनके जीत के लिए पूजा पाठ में लगी रहती हैं. घर में आने वाले अतिथियों को देखने का काम कर कर रही है़ं
उनके घर पर आनेवाला कोई भी व्यक्ति खाली पेट नहीं लौटे, इसका ख्याल रखती हैं. रामटहल जी को जनता नाम व उनके काम से पहचानती है.
नीता सेठ हर पल रखती हैं पति का ख्याल, करेंगी प्रचार
भाजपा के उम्मीदवार संजय सेठ की पत्नी नीता सेठ रांची के लॉरेटो कॉन्वेंट की छात्रा रही हैं. शिक्षिका के तौर पर लॉरेटो कॉन्वेंट में कुछ वर्षों तक कार्य भी किया. रांची में पली-बढ़ी नीता सेठ कहती हैं कि पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, तो उन्हें भी उनके साथ प्रचार-प्रसार करने का पहला मौका मिला है़ अपनी योजनाओं के बारे में वह कहती हैं कि महिलाओं के साथ मुहल्ले-मुहल्ले जाकर चर्चा करेंगी़ वह बताती हैं कि उनके पति शुरू से ही राजनीति से जुड़े रहे हैं, तो उन्हें भी आदत हो गयी है.
संजय जी राजनीतिक व्यस्तता के बावजूद वह घर का हमेशा ध्यान रखते हैं. पहली बार चुनाव लड़ रहें हैं, तो परिवार के साथ क्षेत्र के लोग उनके साथ जुड़ गये हैं. बेटा – बेटी दोनों भी उनके प्रचार के लिए रांची आ रहे हैं. श्रीमती सेठ ने कहा : कपड़े, दवाई आदि जरूरी चीजें तैयार कर रख देती हूं. अधिकतर दोपहर में वह घर में खाना नहीं खा पाते है़ं, तो सुबह और रात को उनके पसंद का खाना बनाती हूं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >