रांची :देश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर है जीएसटी : जस्टिस शरण

न्यू टैक्स लॉ : इंपैक्ट एंड प्रोमोशन विषय पर नेशनल टैक्स कॉन्फ्रेंस शुरू रांची : कुछ वर्षों से टैक्स सिस्टम में व्यापक बदलाव आया है. देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास हुआ है. इसके चलते टैक्स प्रणाली में सुधार की जरूरत महसूस की गयी. उसी जरूरत को देखते हुए देश में जीएसटी लागू हुआ. […]

न्यू टैक्स लॉ : इंपैक्ट एंड प्रोमोशन विषय पर नेशनल टैक्स कॉन्फ्रेंस शुरू
रांची : कुछ वर्षों से टैक्स सिस्टम में व्यापक बदलाव आया है. देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास हुआ है. इसके चलते टैक्स प्रणाली में सुधार की जरूरत महसूस की गयी. उसी जरूरत को देखते हुए देश में जीएसटी लागू हुआ. जीएसटी आनेवाले समय में अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित होगा. जीएसटी के कारण देश में एकीकृत अर्थव्यवस्था बनेगी.
सामान्य बाजार स्थापित होने में भी यह सहायक साबित होगा. जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स की दरें कम हुई हैं. उक्त बातें बताैर मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विनीत शरण ने कही. वे शनिवार को रांची क्लब के बहुद्देशीय सभागार में न्यू टैक्स लॉ : इंपैक्ट एंड प्रोमोशन विषय पर आयोजित दो दिवसीय नेशनल टैक्स कॉन्फ्रेंस के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे.
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिसनर्स, झारखंड इनकम टैक्स बार एसोसिएशन व झारखंड कॉमर्शियल टैक्सेस बार एसोसिएशन की ओर से कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. जस्टिस शरण ने कहा कि देश के निर्माण में कर अदायगी जरूरी है.
कर की सही गणना व उसके भुगतान से ही देश का विकास संभव है. झारखंड हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस ने कहा कि अप्रासंगिक कर प्रणाली खतरनाक साबित हो सकती है. कर प्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिससे करदाता का आय सृजन प्रभावित नहीं हो. वह स्वेच्छा से कर अदायगी कर सके. हाइकोर्ट के जस्टिस एचसी मिश्र ने कहा कि कर के क्षेत्र में जीएसटी सबसे बड़ा सुधार है.
गुवाहाटी हाइकोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने टैक्स के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला. इससे पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता डॉ अशोक सर्राफ ने झंडोत्तोलन किया. मौके पर ईस्ट जोन के चेयरमैन एनडी साहा, अधिवक्ता अमृता सिन्हा व राष्ट्रीय मानद सचिव आनंद पसारी भी मौजूद थे.
पहले दिन तीन तकनीकी सत्र : जस्टिस एचसी मिश्र की अध्यक्षता में पहले सत्र में दिल्ली के सीए विमल जैन ने जीएसटी अॉन रियल स्टेट व वर्क कांट्रैक्ट पर प्रकाश डाला. द्वितीय सत्र में दिल्ली के अधिवक्ता एके श्रीवास्तव ने इनकम टैक्स के प्रावधानों पर चर्चा की. तीसरे सत्र में दिल्ली के अधिवक्ता कपिल गोयल ने अपने विचार रखे.
सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन : देर शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.मौके पर झारखंड हाइकोर्ट के न्यायाधीश, मुख्य आयकर आयुक्त महालिंगम, सीए सह अधिवक्ता ज्योति पोद्दार, कांफ्रेंस चेयरमैन संदीप गड़ोदिया, वरीय अधिवक्ता गणेश पुरोहित, अधिवक्ता धीरज कुमार, सुमित गड़ोदिया, प्रेस प्रवक्ता अधिवक्ता अजय कुमार सहित देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 800 प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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