मजदूर आंदोलन के लिए उनके कामों को याद किया गया
रांची : प्रख्यात साहित्यकार व सामाजिक कार्यकर्ता रमणिका गुप्ता के निधन पर भाकपा राज्य कार्यालय में बुधवार को वाम दलों के अलावा कई राजनैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व मजदूर संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.
भाकपा के राज्य सचिव भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि स्थानीयता का सवाल बिहार विधानसभा में हमदोनों ने उठाया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र को इसे मानना पड़ा था. हजारीबाग में कोयला माफिया के खिलाफ उनका संघर्ष बराबर रहा. सीपीएम के राज्य सचिव गोपीकांत बख्शी ने मजदूर आंदोलन के लिए उनके कामों पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि धनबाद का पार्टी ऑफिस उनकी ही देन है.
भाकपा माले के भुवनेश्वर केवट व राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने भी उन्हें याद किया. आदिवासी साहित्य फोरम की वासवी किड़ो ने आदिवासी साहित्य व युद्धरत आम आदमी से उनके लगाव व प्रतिबद्धता पर संस्मरण सुनाया. प्रलेस के डॉ खगेंद्र ठाकुर ने कहा कि उनके सामाजिक-राजनैतिक कार्यों का लक्ष्य स्पष्ट रहा.
वे हमेशा गरीब-गुरबों की मुक्ति के लिए संघर्ष करती रहीं. इस मौके पर केडी सिंह, अजय कुमार सिंह, फरजना फारूकी, श्यामल चक्रवर्ती, प्रिया परवीन व सुधा, मेहुल मृगेंद्र, उमेश नजीर, मासस के सुशांतो मुखर्जी, सीटू के प्रकाश विप्लव, माकपा के प्रफुल्ल लिंडा, एनएपीएम की आलोका कुजूर, युवा उलगुलान के तीर्थनाथ आकाश आदि मौजूद थे.
रांची : ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम ने वरिष्ठ साहित्यकार रमणिका गुप्ता के निधन पर शोक जताया है. फोरम की अोर से कहा गया है कि रमणिका झारखंड के कोयला मजदूरों, आदिवासियों, दलितों व वंचितों के सवालों पर सामाजिक सक्रियता रखते हुए साहित्य सृजन करती थीं. उनके निधन से झारखंड को विशेष क्षति हुई है.
फोरम की राष्ट्रीय अभियान समिति के सदस्य पूर्व विधायक विनोद सिंह, दयामनी बारला, जुगल पाल, नदीम खान, बशीर अहमद, पीसी मुर्मू, दामोदर तुरी, अनिल अंशुमन, आलोका, धीरज कुमार, अफजल अनीस, नारायण महतो आदि ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है.
