रांची : कोयला उद्योग के बड़े साहेब को लगा चुनावी चस्का

रांची : कोयला उद्योग के एक बड़े साहेब को भी चुनावी चस्का लगने लगा है. वह भी कोयला नगरी से चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं. एक बड़े पार्टी से संपर्क में भी हैं. उम्र के आधार पर वर्तमान सांसद का सीट कटने पर घुसने की जुगाड़ में है. उनके मंत्री कई बार उनको […]

रांची : कोयला उद्योग के एक बड़े साहेब को भी चुनावी चस्का लगने लगा है. वह भी कोयला नगरी से चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं. एक बड़े पार्टी से संपर्क में भी हैं. उम्र के आधार पर वर्तमान सांसद का सीट कटने पर घुसने की जुगाड़ में है.
उनके मंत्री कई बार उनको सावर्जनिक रूप से नेता भी कह चुके हैं. अपनी भाषण और जन कल्याणकारी कार्यों के कारण वह चर्चित भी रहे हैं. जिस लोकसभा क्षेत्र पर उनकी नजर है, वहां उनकी रिश्तेदारी भी है.
कोयला उद्योग में सर्वोच्च पद पर भी रह चुके हैं. बड़े साहेब की बड़ी-बड़ी बातों से लोग खूब प्रभावित रहते हैं. अधिकारी और नेता दोनों के गुण हैं. जिस कंपनी में जाते हैं, वहां अपने कार्यों से काफी सराहना भी पाते हैं. स्थानीय अधिकारियों और नेताओं से भी उनके अच्छे रिश्ते हैं.
पार्टी के विचारधारा वाली इकाइयों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर सहयोग भी करते रहे हैं. उनके कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति लगातार रही है. साहेब का बैकग्राउंड भी राजनीतिक ही रहा है. केवल गड़बड़ यह है कि जिस राजनीतिक बैकग्राउंड से उनका परिवार आता है, वह उसके विपक्षी से लड़ना चाहते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >