रांची : रांची सदर अस्पताल के 200 बेड का नया भवन जर्जर हो रहा है. फॉल्स सीलिंग टूट कर गिर रही है. पंप खराब है. लिफ्ट चालू नहीं हुआ है. इस अस्पताल में ही प्रसूति विभाग संचालित है. जबकि आग बुझाने का यंत्र वाटर स्प्रिंकल खराब है. और तो और अब तक बिना फायर एनओसी के ही यहां जच्चा-बच्चा को भर्ती किया जा रहा है.
रांची के सिविल सर्जन ने विभागीय सचिव को पत्र लिखकर नये भवन की त्रुटियों की ओर ध्यान दिलाया है.इसके बाद सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी ने भवन निर्माण सचिव को पत्र भेजकर त्रुटियों की ओर ध्यान दिलाया है और रिपेयरिंग कराने का अनुरोध किया है. सिविल सर्जन ने लिखा है कि चार अगस्त 2017 को 200 बेड वाले मातृ एवं शिशु केंद्र रांची सदर अस्पताल को हैंडओवर किया. जबकि त्रुटियों की वजह से प्रतिदिन अस्पताल संचालन में कई दिक्कतें आ रही हैं.
– 200 बेडेड अस्पताल का पंप खराब है. पाइप एवं बिजली के तार टूट गये हैं. इस कारण मरीजों को पानी की दिक्कत हो रही है. केवल एक मोटरपंप कार्यरत है. यह खराब हुआ, तो भीषण समस्या हो सकती है. – डक्ट एवं ड्रेनेज की स्थिति दयनीय है. कॉमन टॉयलेट में पानी का जमाव हो रहा है. बेसिन का नल एवं पाइप टूट गया है. कई जगह टॉयलेट का दरवाजा, टाइल्स, कमोड टूट रहा है. – यूपीएस खराब है. पावर कंजम्पशन की रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं करायी गयी है, लिफ्ट अभी तक नन फंक्शनल है, लांउड्री एवं कैंटीन अधूरा है. – फायर से संबंधित वाटर स्प्रिंकलर नन फंक्शनल है एवं अग्निशमन सेवा मुख्यालय से एनओसी भी नहीं मिला है. – भूंकप संबंधी सेसमिक वलनेराबिलिटी की कोई भी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करायी गयी है. – मेन गेट में जानवरों को रोकने का कोई कैटल ट्रैपर नहीं है. – हर फ्लोर का पावर कंजम्पशन की कोई भी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करायी गयी है एवं इलेक्ट्रिकल सप्लाई के लिए अभी तक सब स्टेशन चालू नहीं है. गैस पाइपलाइन का कार्य अधूरा है एवं फाल सीलिंग को खोल कर रख दिया गया है. कई जगह फॉल्स सीलिंग गिर रही है. झारखंड राज्य भवन निगम लिमिटेड रांची से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार योजना कार्य सात प्रतिशत ही पूर्ण हुआ है. बायोमेडिकल वेस्ट स्टोरेज रूम निर्माणाधीन भवन में प्लान किया गया है. लैंडस्केपिंग का कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है.
