रांची : सरना धर्म संसद में धर्म कोड के लिए होगी चर्चा

रांची : राष्ट्रीय सरना युवा संघ द्वारा 10 मार्च को मुड़मा जतरा मैदान में सरना धर्म संसद का आयोजन किया गया है. इसमें सरना धर्म कोड, पांचवीं अनुसूची, आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार, धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों का सीमांकन, गैर आदिवासी से विवाह करने वाली महिलाओं व उत्पन्न बच्चे को आदिवासियों को दी जाने वाली सुविधाओं […]

रांची : राष्ट्रीय सरना युवा संघ द्वारा 10 मार्च को मुड़मा जतरा मैदान में सरना धर्म संसद का आयोजन किया गया है. इसमें सरना धर्म कोड, पांचवीं अनुसूची, आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार, धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों का सीमांकन, गैर आदिवासी से विवाह करने वाली महिलाओं व उत्पन्न बच्चे को आदिवासियों को दी जाने वाली सुविधाओं पर रोक, आदिवासियों के शैक्षणिक संस्थानों को अनुदान, आदिवासियों युवकों को रोजगार हेतु ॠण उपलब्ध कराने, आदिवासियों की सुरक्षा के कानूनों को मूल स्वरूप में लागू करने जैसे कई विषयों पर चर्चा की जायेगी़
यह जानकारी राष्ट्रीय सरना युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज कुमार खलखो ने रांची प्रेस क्लब में दी़ उन्होंने बताया कि धर्म संसद में सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा, पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार, मंत्री चंद्र प्रकाश चौधरी के अतिरिक्त ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार, मध्यप्रदेश, असम व नेपाल से सरना समाज के धर्मगुरु और आदिवासी संगठनों के हजारों लोग शामिल होंगे. इसके साथ ही उन्होंने सरना धर्म संसद का पर्चा भी जारी किया़ इस अवसर पर प्रभात तिर्की, सुनील कच्छप, राहुल टोप्पो, मंगल उरांव, मनोज तिग्गा, सोमनाथ उरांव, राजेश तिग्गा, विदेश कच्छप, बनवारी उरांव, विजय उरांव, रवि केरकेट्टा, अमित खलखो, सचिन मिंज व अन्य मौजूद थे़

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