रांची : प्रखंड समन्वयकों को अप्रैल से मिलेगा हर माह ‍17000 मानदेय

मुख्यमंत्री की घोषणा : अभी 15 हजार रुपये मिलता है मानदेय रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रखंड समन्वयकों के कार्य को देखते हुए अप्रैल से 17,000 हजार रुपये मानदेय देने की घोषणा की. अभी उन्हें 15 हजार रुपये मानदेय मिलता है. श्री दास ने यह घोषणा सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित जिला एवं […]

मुख्यमंत्री की घोषणा : अभी 15 हजार रुपये मिलता है मानदेय
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रखंड समन्वयकों के कार्य को देखते हुए अप्रैल से 17,000 हजार रुपये मानदेय देने की घोषणा की. अभी उन्हें 15 हजार रुपये मानदेय मिलता है. श्री दास ने यह घोषणा सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित जिला एवं प्रखंड समन्वयकों के सम्मेलन में की.
उन्होंने कहा कि विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे यही सरकार का लक्ष्य है. लोगों तक विकास पहुंचाने के लिए मजबूत बुनियाद जरूरी है. स्वशासन की संस्थाओं को मजबूत कर विकास की गति को तेज किया जा रहा है. इसके लिए ग्राम सभा के अधिकारों को पूर्ण उपयोग किया जा रहा है. इनकी मदद के लिए ग्राम विकास समिति और आदिवासी विकास समिति का गठन किया गया है.
इनके माध्यम से भी छोटी-छोटी योजनाएं ली जा रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में जिला व ब्लॉक समन्वयक सक्रिय योगदान दें.
वर्ष 2020 तक घर-घर पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जायेगा
हर गांव में लगेगी स्ट्रीट लाइट, 25 को होगा एमओयू
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गांव में स्ट्रीट लाइट लगायी जायेगी. इसके लिए 25 फरवरी को ग्रामीण विकास विभाग और इइएसएल कंपनी द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर किया जायेगा. एक अप्रैल से स्ट्रीट लाइट लगाने का काम शुरू हो जायेगा.
उन्होंने जिला एवं प्रखंड समन्वयकों से प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना समेत अन्य योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने को कहा. कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, पंचायती राज सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो, राज्य के सभी जिलों के जिला पंचायती राज पदाधिकारी और प्रखंड समन्वयक समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
हर गांव में शुरू होगी मिनी जलापूर्ति योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामसभा के माध्यम से गांवों में बिजली, सड़क और पेयजलापूर्ति की व्यवस्था की जायेगी. इसके लिए अप्रैल से उन्होंने काम शुरू कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बरसात से पहले सभी काम पूरे होने चाहिए. उन्होंने कहा कि हर गांव में सौर ऊर्जा आधारित मिनी जलापूर्ति योजना शुरू की जा रही है.
इसके तहत छोटे गांव में एक व बड़े गांव में एक से अधिक पानी की टंकी लगायी जायेगी. डीप बोरिंग के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जायेगा. वर्ष 2020 तक घर-घर पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जायेगा. वहीं गांव में सड़क किनारे पेवर्स ब्लॉक लगाये जायेंगे.

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