रांची : रांची-जमशेदपुर राजमार्ग-33 (एनएच-33) के चाैड़ीकरण की धीमी गति को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर 14 फरवरी को सुनवाई होगी.
सुनवाई के पूर्व प्रतिवादी राज्य सरकार की अोर से जवाब दायर कर फॉरेस्ट क्लीयरेंस, भूमि अधिग्रहण के शेष कार्य व बुंडू में अतिक्रमण को लेकर स्थिति स्पष्ट की गयी है. उधर, रांची-जमशेदपुर एनएच-33 के फोर लेनिंग कार्य का एकरारनामा रद्द करने को लेकर संवेदक कंपनी रांची एक्सप्रेस-वे ने चुनाैती दी है.
कंपनी ने आइए दायर कर नेशनल हाइवे अथॉरिटी अॉफ इंडिया (एनएचएआइ) द्वारा 30 जनवरी 2019 को एकरारनामा रद्द करने के आदेश को निरस्त करने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि रांची-रड़गांव-जमशेदपुर फोर लेनिंग कार्य में अब तक कंपनी रांची एक्सप्रेस-वे द्वारा कुल 2174.88 करोड़ रुपये खर्च किया गया है.
