रांची : सातवां वेतनमान की मांग करते हुए रिम्स जूनियर डाॅक्टर एसोसिएशन (जेडीए) शुक्रवार से दोबारा आंदोलन शुरू करने जा रहा है. शुक्रवार को दोपहर के बाद की ओपीडी का विरोध किया जायेगा. वहीं, शनिवार को दोनों पालियों में ओपीडी का विरोध होगा. यह जानकारी जेडीए के अध्यक्ष डॉ अजीत कुमार ने दी.
उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी रिम्स प्रबंधन ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो रविवार से जूनियर डॉक्टर भूख हड़ताल करेंगे. आशंका जतायी जा रही है कि जूनियर डॉक्टरों के ओपीडी का विरोध करने पर मरीजों को परेशानी हो सकती है. जेडीए के बैनर तले जो जूनियर डॉक्टर सातवें वेतनमान की मांग कर रहे है, उनमें पीजी, हाउस सर्जन और सीनियर रेजीडेंट शामिल हैं. पीजी स्टूडेंट की संख्या 450, हाउस सर्जन 75 व सीनियर रेजीडेंट करीब 100 है. यानी आंदोलन में करीब 625 जूनियर डॉक्टर शामिल होंगे.
भूख हड़ताल से चरमरा सकती है रिम्स की व्यवस्था : रविवार को जूनियर डॉक्टरों के भूख हड़ताल पर चले जाने से रिम्स की चिकित्सीय व्यवस्था चरमारा सकती है. क्याेंकि, अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी सीनियर रेजीडेंट, हाउस सर्जन व पीजी स्टूडेंट पर होती है. इधर, अपनी मांग को लेकर बुधवार को जेडीए का प्रतिनिधिमंडल रिम्स के प्रभारी निदेशक से मुलाकात की और उन्हें लिखित में जानकारी दी.
