‘सेव दि चिल्ड्रेन’ की सीईओ विदिशा पिल्लई ने कहा, बजट में बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया

रांची : आज वर्ष 2019 के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने देश का अंतरिम बजट पेश किया. इस बजट में ‘न्यू इंडिया’ के निर्माण के लिए कई घोषणाएं की गयीं है, लेकिन बच्चों के लिए खासकर उनकी सुरक्षा के लिए इस बजट में कोई प्रावधान नहीं किया है, जो निराशा पैदा करता है. उक्त बातें […]

रांची : आज वर्ष 2019 के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने देश का अंतरिम बजट पेश किया. इस बजट में ‘न्यू इंडिया’ के निर्माण के लिए कई घोषणाएं की गयीं है, लेकिन बच्चों के लिए खासकर उनकी सुरक्षा के लिए इस बजट में कोई प्रावधान नहीं किया है, जो निराशा पैदा करता है. उक्त बातें ‘सेव दि चिल्ड्रेन’ संस्था की सीईओ विदिशा पिल्लई ने बजट के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कही.

उन्होंने कहा कि NCRB के आंकड़े यह बताते हैं कि बच्चों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. वर्ष 2015 की तुलना में वर्ष 2016 में इन घटनाओं में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है. उन्होंने कहा कि ‘सेव दि चिल्ड्रेन‘ की रिपोर्ट के अनुसार यौन उत्पीड़न की डर की वजह से लड़कियां सार्वजनिक स्थलों पर जाने से घबराती हैं. लेकिन आज जो बजट प्रस्तुत किया गया, उसमें बच्चों और युवाओं को इस स्थिति से बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया.

विदिशा ने कहा कि बच्चों के भविष्य को तभी मजबूत बनाया जा सकता है जब सभी वर्गों और समुदायों तक शिक्षा की पहुंच हो, जो पोषित और स्वस्थ हों और हिंसा से मुक्त हों. लेकिन सार्वभौमिक कवरेज के बिना यह सुनिश्चित करना संभव नहीं होगा. सरकार ने आज जो बजट प्रस्तुत किया उसमें कई बातें तारीफेकाबिल हैं लेकिन बच्चों के भविष्य को लेकर उन्हें सुरक्षित और हिंसा मुक्त बचपन दिलाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है.विदिशा पिल्लई ने कहा, हमारा मानना​है कि बजट पर पहला अधिकार बच्चों का होना चाहिए,इसलिए नहीं कि यह वंचित बच्चों का अधिकार है, बल्कि इसलिए भी कि यह बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है.

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