रांची : आदिवासी सरना महासभा ने सरकार द्वारा पुराने जेल में शहीदों का स्मारक बनाने के निर्णय का स्वागत किया है, लेकिन सरकार द्वारा इसके लिए आदिवासियों के पवित्र स्थल सरना व मसना से मिट्टी उठाने को इन्हें अपवित्र करना बताया है़
मुख्यमंत्री को आदिवासी समाज से माफी मांगनी होगी व सरना व मसना स्थलों का शुद्धिकरण कराना होगा़ रविवार को संगम गार्डेन, मोरहाबादी में महासभा के मुख्य संयोजक पूर्व मंत्री देवकुमार धान ने कहा कि सरहुल पूजा में ही सरना स्थल पर पूजा की जाती है़ अन्य दिनों में इस तरह का कोई कार्य नहीं किया जाता़ सरना या मसना की मिट्टी को किसी भी कीमत पर उठा कर दूसरी जगह नहीं ले जाया जा सकता़ सरना आदिवासियों का सबसे पवित्र स्थल है, वहीं मसना में मृत व्यक्तियों को दफनाया जाता है़
मसना स्थल जाने पर नहाना अनिवार्य है़ मौके पर अध्यक्ष नारायण उरांव, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के अध्यक्ष बुधुवा उरांव मौजूद थे़
