एचइसी की वित्त निदेशक अरुंधति पांडा को हटाने की सिफारिश

राजेश झा, रांची : भारी अभियंत्रण निगम (एचइसी) की वित्त निदेशक अरुंधति पांडा काे हटाया जा सकता है. भारी उद्योग मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पब्लिक इंटरप्राइजेज सेलेक्शन बोर्ड ने केंद्र सरकार से वित्त निदेशक के प्रोबेशन को कन्फर्म नहीं करने की सिफारिश की है. भारी उद्योग सचिव एवं एचइसी की वित्त निदेशक […]

राजेश झा, रांची : भारी अभियंत्रण निगम (एचइसी) की वित्त निदेशक अरुंधति पांडा काे हटाया जा सकता है. भारी उद्योग मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पब्लिक इंटरप्राइजेज सेलेक्शन बोर्ड ने केंद्र सरकार से वित्त निदेशक के प्रोबेशन को कन्फर्म नहीं करने की सिफारिश की है.
भारी उद्योग सचिव एवं एचइसी की वित्त निदेशक से बातचीत के क्रम में प्राप्त जानकारी तथा भारी उद्योग मंत्रालय के द्वारा भेजी गयी स्पेशल परफॉर्मेंस रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने यह सिफारिश की है.
गौरतलब है कि अरुंधति पांडा के वित्त निदेशक के पद पर एक वर्ष की अवधि 26 दिसंबर 2018 को पूरी हुई थी, लेकिन उनके एक वर्ष के कार्यकाल में परफॉर्मेंस रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पायी गयी.
एचइसी के पूर्व सीएमडी अभिजीत घोष द्वारा स्पेशल परफॉर्मेंस रिपोर्ट (एसपीआर) में स्कोर 50 अंक में 37.5 मार्क्स से भी कम दिये गये थे. श्री घोष की इस रिपोर्ट को भारी उद्योग सचिव ने अग्रसारित करते हुए इसे पब्लिक इंटरप्राइजेज सेलेक्शन बोर्ड को भेज दिया था.
श्रीमती पांडा का कम स्कोर रहने के कारण बोर्ड ने उन्हें दो जनवरी 2019 को दिल्ली तलब किया था. इस बैठक में बोर्ड ने वित्त निदेशक अरुंधति पांडा को अपना पक्ष रखने को कहा. उनके पक्ष से बोर्ड संतुष्ट नहीं हुआ और उनके प्रोबेशन को कन्फर्म नहीं करने की सिफारिश सरकार से की. इस बैठक में भारी उद्योग सचिव भी सदस्य के रूप में उपस्थित थे.
  • बोर्ड ने केंद्र से वित्त निदेशक की प्रोबेशन को कन्फर्म नहीं करने की सिफारिश की
  • अरुंधति पांडा ने कहा : एक ईमानदार अधिकारी को किया जा रहा है प्रताड़ित
पांच वर्षों के लिए नियुक्त की गयी थीं अरुंधति पांडा
मालूम हो कि भारी उद्योग मंत्रालय ने अरुंधति पांडा को वित्त निदेशक के पद पर पांच वर्षों के लिए नियुक्त किया था और वे 30 सितंबर. 2022 को सेवानिवृत्त होती, लेकिन उनका प्रोबेशन कन्फर्म नहीं होने के कारण उनका हटना तय माना जा रहा है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही बोर्ड की सिफारिश पर केंद्र सरकार निर्णय लेगी. भारी उद्योग मंत्रालय ने पीइएसबी को सिफारिश पर निर्णय लेने के लिए संचिका भी भेज दी है. वहीं, इस संबंध में अरुंधति पांडा ने कहा कि एक ईमानदार अधिकारी को प्रताड़ित किया जा रहा है.

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