झारखंड हिंदी साहित्य संस्कृति मंच ने किया गोष्ठी का आयोजन
रांची : मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका रविवार को गजलों, गीतों और कविताओं से गुलजार रहा. मौका था झारखंड हिंदी साहित्य संस्कृति मंच की मासिक गोष्ठी का. शायरों और कवियों ने विभिन्न सामयिक विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की. गोष्ठी की शुरुआत गिरिजा सोनी की गजल से हुई. डॉ मीरा सोनी ने बेटियां कविता सुनायी. डॉ मसूद जामी और नसीर अफसर ने गजल सुना कर श्रोताओं का दिल जीत लिया.
इसके बाद हिमकर श्याम ने अपनी गजल पढ़ी. हैरत फर्रुखाबादी और डॉ हरेराम त्रिपाठी ‘चेतन’ ने भी अपनी गजलें सुनाकर खूब वाह-वाही लूटी. मौके पर निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने ‘राजकीय काफिला’ कविता के माध्यम से लोकतंत्र पर कटाक्ष किया. प्रशांत करण ने व्यंग्य करते हुए भ्रष्ट तंत्र पर कविता सुनायी. कामेश्वर प्रसाद निरंकुश ने कविता में स्वर्णरेखा नदी का दर्द और शिल्पी सुमन की कविता में स्त्री की पीड़ा दिखी.
कन्हैया प्रसाद ‘गुंजन’, गीता सिन्हा ‘गीतांजलि, नंदा पांडेय, तन्मय शर्मा आदि ने भी काव्य पाठ किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कामेश्वर प्रसाद निरंकुश ने और संचालन तन्मय शर्मा ने किया. गोष्ठी से पूर्व अतिथियों और नये सदस्यों का पुष्प देकर स्वागत किया गया. कार्यक्रम में विनय सरावगी, बैद्यनाथ मिश्र, अंजेश कुमार, बीके सहाय आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान के साथ हुआ.
