रांची : नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह ने शहरी जलापूर्ति योजनाओं का काम दिसंबर 2020 तक पूरा करने के निर्देश दिये हैं. उन्होंने अधिकारियों को कहा कि जिन जगहों पर टंकी बनाने के लिए जमीन नहीं मिल रही है, वहां संप लगा कर जलापूर्ति शुरू करें. उन्होंने अमृत योजना की अटल मिशन फॉर रिजूवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉरमेशन का काम जल्द शुरू करने का आदेश दिया. इसके तहत रांची, धनबाद, आदित्यपुर और हजारीबाग में जलापूर्ति योजना का काम करना है. मंगलवार को चारों शहरों में जलापूर्ति योजनाओं के लिए जुडको का विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू कराया गया.
इस मौके पर नगर विकास सचिव ने निर्माण कंपनियों से कहा कि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों तक पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. कंपनियां समय पर काम पूरा करें. काम पूरा करने के लिए 36 महीने की निर्धारित अवधि के पहले दो वर्षों में ही इसे खत्म करने का प्रयास होना चाहिए. तय समय के पहले काम पूरा करने वाली कंपनियों को सरकार सम्मानित करेगी. गुणवत्ता के साथ काम करने के लिए विभाग पूरा सहयोग करेगा. श्री सिंह ने जुडको के पदाधिकारियों को जमीन से जुड़े मुद्दों, रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय उच्च पथ के क्रॉसिंग से जुड़े मुद्दों पर एनओसी लेने की कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिये.
शहर निर्माता कंपनी जलापूर्ति योजना की लागत लाभुक हाउसहोल्ड
रांची एलएंडटी 290.88 1,00,000
हजारीबाग एलएंडटी 517.53 57,000
आदित्यपुर जिंदल एसएमपीएम 395.15 50,000
धनबाद श्री राम इपीसी 166.16 40,000
समस्याओं के समाधान के लिए बनायी जा रही सूडा की टीम
स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी के निदेशक अमित कुमार ने कहा की निदेशालय कंपनियों को डाटा से जुड़ा हर तरह का सहयोग सुनिश्चित करेगा. शहरों में हाउसहोल्ड की सूची निदेशालय के पास है. उस सूची के आधार पर घर-घर जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन पहुंचाना कंपनियों को सुनिश्चित करना होगा. जलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में आनेवाली समस्याओं के समाधान के लिए सूडा की एक टीम बनायी जा रही है. एमओयू के मौके पर मुख्य अभियंता राजीव कुमार वासुदेवा, जुडको के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एसके साहू समेत विभाग व कंपनियों के अधिकारी मौजूद थे.
