कृषि उत्पादन में बेहतर कर रहा झारखंड

मनोज सिंह रांची : झारखंड ने कृषि, पशुपालन, डेयरी, मछली पालन, फल-फूल व सब्जी उत्पादन समेत अन्य क्षेत्रों में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है. राज्य को दो बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिल चुका है. यहां के किसानों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सम्मान मिल रहा है. किसानों को प्रशिक्षण के […]

मनोज सिंह
रांची : झारखंड ने कृषि, पशुपालन, डेयरी, मछली पालन, फल-फूल व सब्जी उत्पादन समेत अन्य क्षेत्रों में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है. राज्य को दो बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिल चुका है. यहां के किसानों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सम्मान मिल रहा है.
किसानों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भी भेजा जा रहा है. कृषि के क्षेत्र में यहां की स्थितियां बदल रही हैं. दूसरे देश और राज्यों की नजर अब झारखंड पर है. धान, मछली, दलहन और सब्जियों के उत्पादन में झारखंड अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो रहा है.
झारखंड में दलहन की फसल के लिए उपयुक्त जमीन है. यहां दलहन की उत्पादकता राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है. रबी के मौसम में सिंचाई की व्यवस्था हो जाने से यहां दलहन और तेलहन उत्पादन की काफी संभावना है. झारखंड में दूध उत्पादन, मीट उत्पादन की भी काफी संभावना है.
झारखंड कृषि और उससे जुड़े उत्पादों के मामले में राष्ट्रीय सूचकांक में थोड़ा पीछे है. इस कारण इस क्षेत्र में निवेश की अपार संभावना है. झारखंड में सिंचाई की समुचित व्यवस्था हो जाये तो कृषि उत्पादन बेहतर होगा.
राष्ट्रीय सैंपल सर्वे, 2013 की रिपोर्ट बताती है कि झारखंड में सबसे कम आय कृषि और पशुपालन से जुड़े लोगों की है. यहां किसानों की मासिक आय 1451 रुपये है, जबकि पशुपालन करनेवालों की 1193 रुपये. वहीं, मजदूरी करनेवाले माह में 1839 रुपये तक कमाते हैं.
उत्पाद राष्ट्रीय औसत झारखंड का औसत यूनिट
सिंचित क्षेत्र 67 37 फीसदी
कृषि सघनता 140 125 फीसदी
उर्वरक 140 90 किलोग्राम
बीज विनिमय दर 33 15 फीसदी
दूध उपलब्धता 311 171 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रति दिन
मीट 15 ग्राम चार प्रति व्यक्ति प्रति दिन
अंडा 63 15 प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष
मछली 24 20 प्रति व्यक्ति प्रति ग्राम
धान उत्पादकता 2462 2862 प्रति किलो प्रति हेक्टेयर
गेहूं 3117 2123 प्रति किलो प्रति हेक्टेयर
मक्का 2500 2092 प्रति किलो प्रति हेक्टेयर
तेलहन 1163 663 प्रति किलो प्रति हेक्टेयर
दलहन 689 1020 प्रति किलो प्रति हेक्टेयर
फॉर्म पावर उपलब्धता 1.84 1.21 किलोवाट प्रति घंटा
वर्जन….
ग्लोबल फूड समिट से किसानों को एक्सपोजर मिलेगा. झारखंड में कृषि के क्षेत्र में विकास की नयी संभावनाएं दिखेंगी. कई देशों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात होगी. अगले कुछ वर्षों में इस आयोजन का व्यापक असर झारखंड में दिखेगा और कृषि के क्षेत्र में समृद्ध राज्य होगा.
पूजा सिंघल, कृषि सचिव

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >