रांची : इस सुलगते दौर की सच्चाइयों की सोचिए…

राष्ट्रीय संस्था आगमन की पदार्पण काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह रांची : साहित्य, कला, संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों को समर्पित राष्ट्रीय संस्था आगमन की पदार्पण काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह महिला कल्याण भवन, अशोक नगर में रविवार को हुई. वरिष्ठ साहित्यकार अशोक प्रियदर्शी, प्रमोद कुमार झा, माया प्रसाद, वीना श्रीवास्तव और कृष्णा श्रीवास्तव इस कार्यक्रम […]

राष्ट्रीय संस्था आगमन की पदार्पण काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह
रांची : साहित्य, कला, संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों को समर्पित राष्ट्रीय संस्था आगमन की पदार्पण काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह महिला कल्याण भवन, अशोक नगर में रविवार को हुई. वरिष्ठ साहित्यकार अशोक प्रियदर्शी, प्रमोद कुमार झा, माया प्रसाद, वीना श्रीवास्तव और कृष्णा श्रीवास्तव इस कार्यक्रम के अतिथि थे.
झारखंड में आगमन का यह पहला कार्यक्रम था और संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, पवन जैन द्वारा सारे अतिथियों का स्वागत किया गया. इसके बाद काव्य गोष्ठी की शुरुआत हुई.
वरिष्ठ साहित्यकार माया प्रसाद ने गजल : महफिलों के शोर में तन्हाइयों की सोचिए/इस सुलगते दौर की सच्चाइयों की सोचिए…सुना कर बदलते समय के प्रति सचेत रहने की अपील की. कवयित्री चेतना झा ने : झलक गये आंखों से/छलावे संबंध के/बह गये दावे/पुरानी सौगंध के/संबोधन के शब्द/ बेमतलब, बेमानी है/रिश्तों में रक्त कहां/पानी ही पानी है… गीत सुना कर लोगों की संवेदना को अभिसिंचित किया. लोक गायक व कवि सदानंद सिंह यादव ने : दूर देश को जाने वाले/मीठे सुर में गाने वाले/मौसम के हालात सुनो/ पंछी! मेरी बात सुनो…गीत सुना कर विरहनी की प्यासिल दशा को रेखांकित किया. कवयित्री नंदा पांडेय ने कविता : बहुत लिख लिया दर्द/अब लिख रही हूं प्रेम/हां इन दिनों लिख रही हूं प्रेम… सुना कर मानवीय भावनाओं को नयी उड़ान दी. डॉ संगीता नाथ ने चांद का नाम मुझको न दो, दाग लेकर किधर जाऊंगी/बन कर जलने दो सूरज मुझे, और तपकर निखर जाऊंगी…सुना कर लोगों की वाहवाही लूटी. डॉ अभिषेक श्रीवास्तव ने कविता : सागर! तू सागर ही न क्यों हो/सहता अतोषणीय प्यास है/गहनता जितनी, अर्णव! तुझमें/उतना ही अर्णव तू रहता है…सुनायी.
इससे पहले कृष्णा श्रीवास्तव को नारी गौरव सम्मान, सारिका भूषण को आगमन साहित्य विदुषी सम्मान एवं अनंत ज्ञान को युवा प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया. मशहूर शायर हैरत फर्रुखाबादी का भी विशेष सम्मान किया गया. आगमन झारखंड के सभी आजीवन सक्रिय सदस्यों डॉ कविता विकास सहित अन्य को भी सम्मानित किया गया. उपस्थित साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.

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