रांची : दुष्कर्म पीड़िता का बेहतर इलाज करायें, पुनर्वास भी : हाइकोर्ट

गुमला डीसी को 50 हजार भुगतान करने का निर्देश रांची : झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस अनंत बिजय सिंह की अदालत ने दुष्कर्म पीड़िता की दिमागी हालत ठीक नहीं रहने को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उसका बेहतर इलाज कराने का निर्देश दिया. अदालत ने झालसा के सदस्य सचिव एके राय को व्यक्तिगत रूप से यह […]

गुमला डीसी को 50 हजार भुगतान करने का निर्देश
रांची : झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस अनंत बिजय सिंह की अदालत ने दुष्कर्म पीड़िता की दिमागी हालत ठीक नहीं रहने को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उसका बेहतर इलाज कराने का निर्देश दिया. अदालत ने झालसा के सदस्य सचिव एके राय को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि वह गुमला में सिलम गांव में नारी निकेतन का दाैरा कर उसकी स्थिति की जानकारी प्राप्त करें.
30 वर्षीय पीड़िता के बेहतर इलाज के लिए उसे रिनपास में ट्रांसफर कराया जाये. उसके पुनर्वास की तत्काल व्यवस्था की जानी चाहिए. साथ ही पीड़िता की (दो नाबालिग) सात वर्षीय लड़की तथा एक वर्षीय बालक, जो मिशनरीज अॉफ चैरिटी के पास ��ै, के पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी देखभाल सुनिश्चित की जाये.
अदालत ने गुमला के उपायुक्त को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को 50 हजार रुपये बताैर मुआवजा राशि भुगतान करने का आदेश दिया.
मुआवजा राशि राष्ट्रीयकृत बैंक के खाते में जमा की जाये, जिसका संचालन नाबालिगों की मां करती हो. अदालत ने अधिवक्ता सुनीता कुमारी को मामले का एमीकस क्यूरी नियुक्त किया. साथ ही झालसा के सदस्य सचिव को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई छह फरवरी 2019 को होगी. अदालत ने उक्त आदेश दुष्कर्म मामले के आरोपी बिरसा उरांव की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दी. अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी.

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