रांची़ : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में आयुष्मान भारत : प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत दो माह में 1253 लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड बनाया गया है.
इनमें से 172 ने रिम्स के विभिन्न वार्डों में अपना इलाज कराया है. यह जानकारी रिम्स के उपाधीक्षक सह नोडल अफसर डॉ संजय कुमार ने दी है. उपाधीक्षक ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों से उनके इंप्लांट, जांच और दवाओं का खर्च नहीं लिया जाता है. भर्ती होने के बाद मरीजों को पूरा इलाज मुफ्त में किया गया है.
एक मरीज को करीब 50 से 90 हजार का लाभ मिल रहा है. फिलहाल, कई गोल्डेन कार्ड धारी मरीज भी रिम्स के विभिन्न वार्ड में भर्ती हैं. हालांकि, इसमें से कई को आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि विभाग ने सही तरीके से इनका फॉर्मेट भरकर कार्यालय में नहीं भेजा है.
मरीज को मिल रहा 50 से 90 हजार तक का लाभ : रिम्स उपाधीक्षक ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाने वाले सबसे ज्यादा मरीज मेडिसिन, सर्जरी और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भर्ती रहते हैं.
उन्होंने बताया कि 172 लाभुकों को इलाज होने पर रिम्स ने इंश्योरेंस कंपनी को 35 लाख रुपये का क्लेम सेटेलमेंंट भेजा है. अगर 1253 लाभुकों का इलाज मिल गया होता, तो इंश्योरेंस कंपनी के पास क्लेम करोड़ों रुपये का होता.
