रांची : बाल गृहों की कमी सुधारने की समय सीमा पूरी

रांची : राज्य के सभी बाल गृहों की कमियों को पूरा करने की समय सीमा 15 नवंबर को समाप्त हो गयी है. अब रिपोर्ट मिलने के बाद पता चलेगा कि संबंधित बाल गृहों में क्या-क्या सुधार हुए हैं. इससे पहले समाज कल्याण विभाग से संबद्ध झारखंड राज्य बाल संरक्षण संस्था ने सभी जिलों के उपायुक्तों […]

रांची : राज्य के सभी बाल गृहों की कमियों को पूरा करने की समय सीमा 15 नवंबर को समाप्त हो गयी है. अब रिपोर्ट मिलने के बाद पता चलेगा कि संबंधित बाल गृहों में क्या-क्या सुधार हुए हैं.
इससे पहले समाज कल्याण विभाग से संबद्ध झारखंड राज्य बाल संरक्षण संस्था ने सभी जिलों के उपायुक्तों से बाल गृह संबंधी जांच रिपोर्ट मांगी थी. केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय के निर्देश के आलोक में 20 अगस्त 2018 को उपायुक्तों को पत्र लिख कर उनके जिले में संचालित सभी निजी (सरकारी सहायता प्राप्त सहित) बाल देखभाल संस्थान (चाइल्ड केयर यूनिट्स या सीसीआइ) की जांच कर इसकी रिपोर्ट 31 अगस्त तक देने को कहा गया था. यह रिपोर्ट 15 सितंबर तक केंद्र सरकार को भेजी जानी थी. बाद में करीब 130 बाल गृहों की रिपोर्ट अाने के बाद कहीं से किसी आपराधिक कृत्य की जानकारी नहीं मिली. पर कई गृहों में आधारभूत संरचना सहित अन्य कमियों का पता चला था. इसके बाद निर्देश दिया गया था कि संबंधित बाल गृह के संचालक 15 नवंबर तक अपनी कमियां सुधार लें. संस्था व संबंधित जिले के उपायुक्तों को अब सुधार रिपोर्ट उपलब्ध करानी है.
केंद्र का था निर्देश : केंद्र ने बाल गृहों की जांच के लिए राज्य को भेजे पत्र में मुजफ्फरपुर, बिहार तथा देवरिया, उत्तर प्रदेश की घटनाओं के मद्देनजर ऐसी जांच की आवश्यकता बतायी थी.
केंद्र सरकार ने यह भी हिदायत दी थी कि यदि किसी बाल गृह में बच्चों के रखरखाव तथा पुनर्वास संबंधी किसी अनियमितता का पता चलता है, तो बच्चे को तुरंत वहां से हटा कर उसे पूरी सुविधा कहीं अन्यत्र दी जाये तथा संबंधित बाल गृह संचालक पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >