रांची : स्वास्थ्य विभाग ने दवाअों के स्टॉक व वितरण पर नजर रखने के लिए ई-अौषधि विकसित किया है. केंद्र सरकार की इस योजना के तहत राज्य भर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पतालों व अनुमंडलीय अस्पतालों सहित जिलों में स्थित दवा भंडार में उपलब्ध दवाअों का विवरण डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहता है. संबंधित अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों व दवा भंडार के लोग, मुख्यालय के अधिकारियों को दिये गये पासवर्ड के सहारे राज्य भर में दवाअों की स्थिति का पता चलता है. दवाअों की संख्या, इसका बैच, इसके उत्पादक व विक्रेता (वेंडर) सहित पूरी जानकारी डैशबोर्ड पर उपलब्ध है.
इसका सॉफ्टवेयर सी-डैक कंपनी का है. फरवरी 2018 से चल रहा ई-अौषधि का डैश बोर्ड अभी पूरी तरह अपडेट नहीं है. एनएचएम के निदेशक वित्त, नरसिंह खलखो के अनुसार अभी कुछ अौर उपकरणों की खरीद होनी है. अगले दो-तीन माह में इसमें सुधार कर लिया जायेगा. अगले चरण में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को भी इससे जोड़ दिया जायेगा.
क्या है लाभ
ई-अौषधि के जरिये स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में दवा की उपलब्धता का पता चलता है. जरूरी दवाअों की सूची (इशेंशियल ड्रग लिस्ट) में शामिल सभी दवाएं उपलब्ध रहनी चाहिए. सिस्टम में दवाअों की निर्धारित न्यूनतम संख्या होने पर सिस्टम एलर्ट दिखाता है तथा संबंधित दवा की खरीद या अस्पतालों तक वह दवा पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. वहीं इससे यह पता भी चलता है कि किन-किन दवाअों की खपत ज्यादा है या फिर कौन सी दवा वितरित नहीं हो रही है. इस तरह ई-अौषधि ड्रग मैनेजमेंट (औषधि प्रबंधन) का कार्य करता है.
