रांची : तुपुदाना ओपी क्षेत्र के सेनेटोरियम रोड निवासी पूर्व आइपीएस पीएस नटराजन के 34 वर्षीय पुत्र अविनाश त्यागी की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है.
पुलिस ने मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल कर ली है, जिसमें अविनाश की मौत हार्ट फेल से होना बताया गया है. जबकि तीन नवंबर को, जिस दिन मौत हुई थी उस दिन जहर से मौत की बात सामने आ रही थी, क्योंकि पुलिस के अनुसार शव नीला पड़ा हुआ था. फिलहाल, मौत की कोई दूसरी वजह तो नहीं, इस बिंदु पर अंतिम निर्णय लेने के लिए बिसरा को सुरक्षित रखा गया है. बिसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की मूल वजह का पता चल सकेगा.
बेटे की हत्या की आशंका जतायी : इधर, छह नवंबर को तुपुदाना पुलिस ने पीएस नटराजन की शिकायत पर अविनाश की मौत को लेकर तुपुदाना ओपी में एक और केस दर्ज किया है, जिसमें उन्होंने बेटे की हत्या की आशंका जतायी है. उन्होंने शिकायत में लिखा है कि उनका पुत्र घटना के दिन घर से तुपुदाना चौक स्थित अद्वैत आश्रम जाने की बात बोल कर निकला था.
इसी बीच रात करीब नौ बजे दो युवक उनके निवास पर आये थे. दोनों ने बताया था कि उनका पुत्र आश्रम परिसर में बेहोश पड़ा हुआ है. नटराजन बेटे को लेने के लिए निकलने ही वाले थे कि रात करीब 10.30 बजे गेट खटखटाने की आवाज सुनी. जब बाहर निकले, तो पाया कि अविनाश बेहोशी की हालत में गेट के बाहर पड़ा हुआ और शरीर ठंडा पड़ चुका है.
जहां से वह पुलिस के सहयोग से बेटे को लेकर रिम्स पहुंचे. वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. प्राथमिकी में नटराजन ने लिखा कि उन्हें संदेह है कि उनके पुत्र को षडयंत्र के तहत मारा गया है. प्राथमिकी में उन्होंने यह भी बताया कि उनका विभिन्न लोगों से मतभेद और मुकदमा चल रहा है, जिसमें एक सुषमा बड़ाइक भी शामिल है. उल्लेखनीय है कि पूर्व में अविनाश की मौत पर उसके भाई सिद्धार्थ की शिकायत पर अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज हुआ था.
क्या हुआ था घटना के दिन : इधर, तुपुदाना पुलिस ने आरंभिक जांच में पाया है कि घटना के दिन अविनाश बालश्रृंग रोड निवासी एक स्वामी सुरेश प्रसाद के घर शाम में पहुंचा था. लेकिन वह घर में मौजूद नहीं थे. अविनाश कुमार हाथ में शराब की बोतल लिये हुए था, इसलिए सुरेश प्रसाद की पत्नी से उसे वहां से जाने को कहा, लेकिन वह जाने को तैयार नहीं था.
इसके बाद सुरेश की पत्नी ने घटना की जानकारी पड़ोस में रहने वाले डॉ प्रफुल्ल कुमार को दी. अविनाश को समझाने के लिए डॉ प्रफुल्ल के साथ मेजर नवीन भी पहुंचे. दोनों ने अविनाश को घर जाने को कहा, लेकिन घर जाने की स्थिति में नहीं होने के कारण उसके बारे में सूचना देने स्कूटी से दो युवक शिव चरण और राजेश, पीएस नटराजन के घर पहुंचे. दोनों सूचना देने के बाद वहां से चले गये.
कुछ ही देर बाद डॉ प्रफुल्ल, अरविंद, मेजर नवीन और सुबोध, अविनाश को कार में लेकर नटराजन के घर के बाहर पहुंचे, जबकि राजेश और शिव चरण अविनाश की बाइक लेकर पहुंचे. लेकिन किसी ने गेट नहीं खाेला, तब सभी लोग अविनाश को गेट के बाहर लेटाकर वहां से चले गये.
