रांची : आजसू अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि वे सरकार बनाने या बचाने की गरज से गांव-गांव नहीं निकले हैं. इस यात्रा का मकसद झारखंडी विचारों को स्थापित करते हुए आमलोगों का स्वाभिमान जगाना है. योजना के शिलान्यास उदघाटन या चुनावी सभा के दौरान ही नेता और जनता आमने-सामने होते हैं, लेकिन कोई संवाद साझा नहीं हो पाता है.
आज की राजनीति में यही हावी है. श्री महतो स्वराज स्वाभिमान यात्रा के दूसरे चरण में गुरुवार को सरायकेला से ईचागढ़ पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि गांवों के गरीबों और वंचितों के जज्बात से सिस्टम खेल रहा है. सिस्टम सरकार के नियंत्रण से बाहर है.
श्री महतो ने कुराली में शहीद अजीत महतो को श्रद्धांजलि देते हुए ईचागढ़ के गांवों में पदयात्रा शुरू की. देर शाम तक उन्होंने खूंटी, चौका मोड़, पालगम, मतकमडीह, बांती, धतकीडीह, चिलगू, हाड़डीह में चौपाल लगाकर लोगों से सीधी बात की. खूंटी में आयोजित चौपाल में गांव की महिलाओं ने सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की हकीकत बतायी. कार्यक्रम में डॉ देवशरण भगत, राजेंद्र मेहता, छवि महतो, खेगेन महतो, सत्यनारायण महतो, दुबराज महतो, अनीता पारित, सरजीत मिर्धा सहित कई लोग शामिल थे.
