रांची : न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टर अपनी यूनिट में भर्ती मरीजों को बाहर की खास दवा लिखते हैं. इससे मरीज के परिजन को दवा की खरीदने में परेशानी होती है. इस समस्या को हल करने के लिए रिम्स प्रबंधन ने सख्त रुख अख्तियार किया है.
रिम्स प्रबंधन ने न्यूरो सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ अनिल कुमार से इस संबंध में बातचीत की है. उनको विभाग के डॉक्टरों द्वारा मना करने के बावजूद बाहर की कुछ खास दवा ही लिखने की जानकारी दी गयी. रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव ने कहा कि आयुष्मान भारत के मरीजों को बाहर की दवा लिखने और इंडेंट करने पर दवा की खरीदारी की जानकारी दी.
इसके बाद विभागाध्यक्ष ने इंडेंट दवाओं के मॉलिक्यूल का नाम लिख दिया है. करीब 10 आवश्यक दवाओं की सूची बनाकर निदेशक को उपलब्ध करा दी गयी है.
सप्लायरों के सुझाव पर तैयार की गयी जरूरी दवाओं की सूची : 13 अक्तूबर को रिम्स निदेशक ने आदेश जारी किया था कि विभिन्न विभागों द्वारा दिये गये मांगपत्र के आधार पर चिह्नित सप्लायरों से ही दवाओं की खरीद की जायेगी.
इधर, सोमवार को रिम्स प्रबंधन ने सप्लायरों से न्यूरो सर्जरी के लिए जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने को कहा. इस पर सप्लायरों ने प्रबंधन को बताया कि दवा दुकानदार उन्हें दवा नहीं देंगे. तत्काल के लिए मरीज के परिजन को दुकान पर भेज कर दवाएं मंगवा ली जायें.
बाद में हमें दवाओं के मॉलिक्यूल का नाम बता दिया जाये, तो हम सभी दवाएं उपलब्ध करा देंगे. इसके बाद रिम्स प्रबंधन ने न्यूरो सर्जरी के विभागाध्यक्ष को बुलाकर जरूरी दवाओं के मॉलिक्यूल की सूची तैयार करायी है.
