रांची : रांची विश्वविद्यालय के मानव संसाधन केंद्र (एकेडमिक स्टॉफ कॉलेज) द्वारा शिक्षकों के लिए तैयार किये गये पाठ्यक्रम के आधार पर जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा का रिफ्रेशर कोर्स एक नवंबर से शुरू होगा.
रिफ्रेशर कोर्स 28 फरवरी 2019 तक चलेगा. इसके लिए शिक्षक, शोधार्थी के साथ कोई भी व्यक्ति यूजीसी के स्वयं पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकते हैं. पंजीयन की प्रक्रिया 15 अक्तूबर से शुरू हो गयी है. यह जानकारी रांची विवि के कुलसचिव डॉ अमर कुमार चौधरी ने रविवार को एचआरडीसी सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में दी.
उन्होंने कहा कि यूजीसी ने रिफ्रेशर कोर्स के लिए पाठ्यक्रम बनाने की जिम्मेदारी रांची विवि को दी थी. एचआरडीसी के निदेशक डॉ अशोक कुमार चौधरी ने कहा कि यह रिफ्रेशर कोर्स हिंदी में तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम डॉ गिरधारी राम गौंझू व महादेव टोप्पो की देखरेख में तैयार किया गया है.
पाठ्यक्रम तैयार करने में डॉ हरि उरांव व डॉ त्रिवेणी नाथ साहू ने भी अपना योगदान दिया है. इसमें झारखंड की सभ्यता, संस्कृति, पर्व-त्योहार, रहन-सहन, खान-पान, लोक संगीत, पारंपरिक कला और भाषा के बारे में बताया गया. ऑनलाइन चलने वाले इस कोर्स में 40 व्याख्यान होंगे.
व्याख्यान तीन पार्ट में होगा. काेर्स के समापन के बाद इग्नू के माध्यम से इसकी परीक्षा ली जायेगी. अभ्यर्थियों को केंद्रीय मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा प्रमाण पत्र दिया जायेगा. डॉ गिरिधारी राम गौंझू ने पाठ्यक्रम के बारे में बताया. मौके पर डॉ हरि उरांव, डॉ त्रिवेणी नाथ साहू, रांची विवि के जन सूचना पदाधिकारी डॉ पीके झा भी उपस्थित थे.
