रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नयी दिल्ली के होटल इम्पीरियल सभागार में अम्बेसडर्स मीट में रांची में होनेवाले ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फ़ूड समिट के लिए 22 देशों के भारत स्थित दूतावास के राजदूत अथवा काउंसलर व कमर्शियल हेड को तथा उनके देश की कृषि तथा फूड प्रोसेसिंग से संबंधित कंपनियों को झारखंड आने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने कहा कि झारखंड में आजादी से पहले ही टाटा ने टाटा स्टील और टाटा मोटर्स की कंपनियां लगायी और आज भी बिना किसी बाधा के वे कंपनियां प्रगति कर रही हैं.
झारखंड में को-ऑपरेटिव फार्मिंग की भी संभावना : विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि झारखंड में जैविक कृषि की संभावना अत्यंत प्रबल है.
उन्होंने राजदूतों से अपील की कि वे स्वयं झारखंड जायें, तभी वे राज्य को बेहतर ढंग से समझ पायेंगे. विभिन्न देशों के उद्योग यदि झारखंड में लगते हैं, तो उस देश को भी फायदा होगा. झारखंड में को-ऑपरेटिव फार्मिंग की भी संभावना है. केंद्र सरकार का ध्यान भी कृषि और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों पर अधिक है.
22 देश के प्रतिनिधि थे मौजूद : बैठक में चीन, रूस, ट्यूनीशिया, फिलिपींस,ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, नाइजीरिया, ईरान, नेपाल, मंगोलिया, स्पेन, बांग्लादेश, जर्मनी, इजरायल, जापान, ग्रीस,चेक रिपब्लिक, इथोपिया, जांबिया, जिंबाब्वे और म्यांमार के भारत स्थित दूतावास के राजदूत अथवा काउंसलर तथा कमर्शियल हेड के साथ कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह, मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त डीके तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल, स्थानिक आयुक्त एमआर मीणा, विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव विनोद के जेकब, उद्योग सचिव विनय कुमार चौबे, कृषि सचिव पूजा सिंघल, कृषि निदेशक रमेश घोलप, ई एंड वाई तथा फिक्की के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
