पूरा झारखंड हो गया ओडीएफ, एक वर्ष पहले ही लक्ष्य हासिल, चार साल में 40 लाख बनाये गये शौचालय

सुनील चौधरी रांची : केंद्र सरकार के अनुसार, झारखंड खुले में शौच से मुक्त हो चुका है. झारखंड ने केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित लक्ष्य को एक साल पहले ही पूरा कर लिया है. केंद्र सरकार ने शौचालय निर्माण पूरा करने का लक्ष्य अक्तूबर 2019 तक का दिया था. झारखंड सरकार ने पांच अक्तूबर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
सुनील चौधरी
रांची : केंद्र सरकार के अनुसार, झारखंड खुले में शौच से मुक्त हो चुका है. झारखंड ने केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित लक्ष्य को एक साल पहले ही पूरा कर लिया है. केंद्र सरकार ने शौचालय निर्माण पूरा करने का लक्ष्य अक्तूबर 2019 तक का दिया था. झारखंड सरकार ने पांच अक्तूबर 2018 को ही 40 लाख शौचालय बना कर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 में केंद्र सरकार ने बेसलाइन सर्वे के तहत झारखंड को लक्ष्य दिया था. इस सर्वे में वैसे घरों की पहचान की गयी थी, जहां शौचालय नहीं थे.
ऐसे घरों की संख्या 40 लाख थी. केंद्र सरकार ने अक्तूबर 2019 तक सभी राज्यों को शौचालय निर्माण का टारगेट दिया था, जबकि झारखंड के सीएम रघुवर दास ने दो अक्तूबर 2018 का लक्ष्य तय कर दिया था. हालांकि दो अक्तूबर तक तो लक्ष्य हासिल नहीं हो सका, पर पांच अक्तूबर को झारखंड ने शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है.
चार साल में ही 40 लाख शौचालयों का निर्माण करा दिया गया. शहरी क्षेत्र के निकाय दो अक्तूबर 2017 को ही खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं. पांच अक्तूबर को ग्रामीण क्षेत्रों में भी केंद्र सरकार द्वारा दर्ज आंकड़ों के तहत शौचालयों का निर्माण हो गया. भारत सरकार की एसबीएम जी वेबसाइट पर झारखंड का शत-प्रतिशत लक्ष्य दर्शाया जा रहा है.
15 नवंबर को घोषणा करेगी सरकार
पेयजल-स्वच्छता विभाग की सचिव अाराधना पटनायक ने बताया कि यह सही है कि झारखंड ने लक्ष्य पूरा कर लिया है. इसके बावजूद हम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते. मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि फिर से सर्वे करायें, ताकि कोई नया घर बना हो और शौचालय न हो, तो तत्काल वहां बनवा दिया जाये या कोई घर गलती से बेसलाइन सर्वे में छूट गया हो, तो वैसे घरों में शौचालय का निर्माण करा दिया जायेगा. ऐसे घरों की खोज के लिए दो अक्तूबर से 15 अक्तूबर तक विशेष खोज अभियान चलाया जा रहा है.
इस अभियान के तहत जिन घरों में शौचालय नहीं होंगे, 15 नवंबर तक हर हाल में शौचालय बनवा दिये जायेंगे. 15 नवंबर को ही मुख्यमंत्री झारखंड को ओडीएफ घोषित करेंगे. उन्होंने कहा कि इसके बाद भी चुनौतियां है. चुनौती है कि लोग शौचालय का इस्तेमाल करें. अभी भी देखा जा रहा है कि घर में शौचालय रहते हुए भी कुछ लोग आदतन खुले में शौच करने चले जाते हैं. ऐसे लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जायेगा.
भारत सरकार के बीएलएस में दर्ज लक्ष्य को पूरा किया
भारत सरकार ने अपनी वेबसाइट में झारखंड को ओडीएफ बताया
केंद्र सरकार की ओर से अक्तूबर 2019 तक का लक्ष्य दिया गया था
झारखंड सरकार ने पांच अक्तूबर 2018 को ही टारगेट पूरा कर लिया
मुख्यमंत्री ने राज्य में फिर से सर्वे कराने का निर्देश िदया
दो से 15 अक्तूबर तक विशेष खोज अभियान चलेगा
जिन घरों में शौचालय नहीं, 15 नवंबर तक पूरा कराने का निर्देश
15 नवंबर को ही सीएम झारखंड को ओडीएफ घोषित करेंगे : आराधना
जिला लक्ष्य
पलामू 2,74,071
लातेहार 1,22,111
गढ़वा 1,95,334
गुमला 1,66,193
लोहरदगा 67,776
सिमडेगा 97,913
हजारीबाग 2,32,993
चतरा 1,58,217
कोडरमा 83,919
रामगढ़ 92,597
बोकारो 1,66,843
देवघर 1,82,730
धनबाद 1,87,065
दुमका 2,05,342
गिरिडीह 2,73,457
गोड्डा 1,49,752
जामताड़ा 1,18,198
खूंटी 81,052
पाकुड़ 1,88,930
प.सिंहभूम 1,62,313
पूर्वी सिंहभूम 1,82,397
रांची 2,52,605
झारखंड को मिले पोषण माह अभियान से जुड़े 13 पुरस्कार
रांची : महिला बाल विकास मंत्रालय ने पोषण माह अभियान की ग्रुप-तीन केटेगरी में 40 पुरस्कारों की घोषणा की है. एक से 30 सितंबर तक देश भर में चले पोषण माह अभियान में इस ग्रुप के लिए झारखंड को 13 पुरस्कार मिले हैं.
अकेले कोडरमा जिले को इनमें से 11 पुरस्कार मिले हैं. वहीं दो अन्य पुरस्कार दुमका व सिमडेगा को मिले हैं. सभी पुरस्कार पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम में नेतृत्व करने तथा लोगों के व्यवहार परिवर्तन को लेकर मिले हैं. केंद्रीय मंत्रालय ने पूरे देश को चार ग्रुपों में बांटा था. झारखंड सहित कुल नौ राज्य ग्रुप-तीन में शामिल थे.
नयी दिल्ली के होटल अशोक में 10 अक्तूबर को होनेवाले समारोह में ये पुरस्कार दिये जायेंगे. इधर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस उपलब्धि के लिए कोडरमा डीसी भुवनेश प्रताप सिंह को बधाई दी है तथा कहा है कि उपलब्धियों की ओर बढ़ते झारखंड का यह एक और सशक्त कदम है.
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