रांची : रांची महानगर कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह कार्यालय प्रभारी अजय सिंह ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि दुर्गापूजा से पहले सभी दुर्गापूजा पंडालों में सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरे लगाया जायें. इसके अलावा पंडालों के बाहर डस्टबिन की व्यवस्था की जाये. चलित शौचालय की समुचित व्यवस्था हो. सड़क के किनारे खराब स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त किया जाये. साथ ही सड़क की साफ-सफाई के साथ-साथ इसकी मरम्मति की जाये.
रांची : अग्निशमन मुख्यालय ने दुर्गापूजा के लिए बनाये जानेवाले पंडालों में सिंथेटिक सामग्री का उपयोग नहीं करने की सलाह दी है. साथ ही पंडाल के निर्माण के लिए प्रयोग में लाये जानेवाले फैब्रिक को अग्निरोधी केमिकल से ट्रीट करने का सुझाव दिया है. इसके अलावा विभाग ने आग लगने की स्थिति में फायर स्टेशन के नंबर 0651-2490706 पर तत्काल सूचना देने की अपील की है. अग्निशमन विभाग ने गुरुवार को जारी सुझाव में शहर की दुर्गा पूजा समितियों से कहा है कि वे पंडाल निर्माण वाली जगह पर अग्निशमन के वाहन के लिए आसानी से पहुंचने की व्यवस्था जरूर करें. पंडाल में प्रवेश व निकास द्वारा की ऊंचाई 2.1 मीटर व चौड़ाई 1.25 मीटर से कम नहीं रहेगा.
न ही किसी निकास द्वार को किसी तरह से बाधित किया जाये. पूजा समितियां पंडाल में कम से कम दो निकास द्वार की व्यवस्था जरूर करें. इलेक्ट्रिक वायर के सभी ज्वाइंट्स की टेपिंग अच्छी तरह से की जानी चाहिए. पंडाल के अंदर यदि हैलोजन बल्ब लगाया जाता है, तो कपड़ा सहित अन्य ज्वलनशील वस्तु से इसकी दूरी एक मीटर जरूर हो. निकास शब्द हिंदी व अंग्रेजी में इस प्रकार लिखा जाना चाहिए कि रात के समय में भी उसे आसानी से पढ़ा जा सके.
हर पंडाल के पास अग्निशमन यंत्र की हो व्यवस्था
अग्निशमन मुख्यालय के प्रभारी अपर स्टेट अफसर आरके ठाकुर ने पूजा समितियों से कहा है कि हर पूजा पंडाल के पास कम से कम 09 लीटर क्षमता का 02 वाटर सीओटू और चार किलोग्राम क्षमता का 02 डीसीपी अग्निशमन यंत्र के अलावा चार फायर बकेट की व्यवस्था की जानी चाहिए. इन अग्निशमन के उपयोग की जानकारी वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों व मेला कमेटी के सभी सदस्यों को होनी आवश्यक है.
