रांची : झारखंड हाइकोर्ट में मंगलवार को प्रार्थी को अपना नाबालिग पुत्र नहीं मिलने काे लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस एचसी मिश्र व जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए प्रतिवादी झारखंड राज्य बाल संरक्षण समिति (सीपीसी) व एडॉप्शन सेंटर सहयोग विलेज खूंटी को नोटिस जारी किया.
उन्हें जवाब दाखिल करने काे कहा़ मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी़ उल्लेखनीय है कि प्रार्थी बुधु कंदीर ने याचिका दायर कर अपने नाबालिग पुत्र सागर कंदीर की मांग की है. चाइल्ड संरक्षण समिति ने छह जुलाई को मिशनरीज अॉफ चैरिटी के हिनू स्थित शाखा में छापेमारी की थी. इसमें दो साल तक के 22 बच्चे बरामद किये गये.
प्रार्थी के जुड़वा बच्चे सरिता व सागर को भी समिति के लोग अपने साथ लेते गये. सरिता को खूंटी सदर अस्पताल में कंदीर को साैंप दिया गया, जबकि सागर को सहयोग विलेज को साैंपा गया. बाद में कंदीर को सागर के बदले मंगरा नाग नामक बच्चा दिया गया, जिसे लेने से उसने इनकार कर दिया. कंदीर ने झारखंड राज्य बाल संरक्षण समिति को आवेदन दिया, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.
