रांची : रिम्स प्रबंधन ने आयकर विभाग से कार्डियोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ हेमंत नारायण का पूरा ब्योरा मांगा है. आयकर विभाग के एडिशनल कमिश्नर (रेंज-1) को भेजे गये पत्र में रिम्स निदेशक ने पूछा है कि क्या आपके द्वारा किये गये सर्वे में यह सिद्ध होता है कि डॉक्टर हेमंत नारायण निजी प्रैक्टिस करते हैं? यह भी कि क्या उनके पास आय से अधिक संपत्ति का मामला भी बनता है? अगर डॉ हेमंत नारायण के खिलाफ ऐसा कोई मामला पकड़ में आया है, तो रिम्स प्रबंधन को इससे अवगत कराया जाये. हालांकि, रिम्स निदेशक आयकर विभाग को पत्र लिखने की बात से इनकार कर रहे हैं.
रिम्स प्रबंधन ने आयकर विभाग से मांगा डॉ हेमंत नारायण का पूरा ब्योरा
रांची : रिम्स प्रबंधन ने आयकर विभाग से कार्डियोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ हेमंत नारायण का पूरा ब्योरा मांगा है. आयकर विभाग के एडिशनल कमिश्नर (रेंज-1) को भेजे गये पत्र में रिम्स निदेशक ने पूछा है कि क्या आपके द्वारा किये गये सर्वे में यह सिद्ध होता है कि डॉक्टर हेमंत नारायण निजी प्रैक्टिस करते हैं? […]

गौरतलब है कि आयकर विभाग द्वारा डॉ हेमंत नारायण की क्लिनिक और घर पर सर्वे किया गया था. सर्वे में यह प्रमाण मिले हैं कि डॉ हेमंत नारायण राय बरियातू स्थित अपने निजी क्लिनिक में मरीजों को परामर्श देते हैं. अपने निजी क्लिनिक से उन्हें रिम्स में भर्ती करते हैं. इनकम टैक्स के अधिकारियों ने मामले की सत्यता जानने के लिए कार्डियोलॉजी आइसीयू में भर्ती कुछ मरीजों से बातचीत भी की थी. इसमें यह पता चला है कि डॉक्टर हेमंत नारायण राय मरीजों से इलाज के नाम पर एक डेढ़ लाख रुपये लेते हैं. सूत्रों की माने, तो क्लिनिक से कुछ जांच घर के दस्तावेज भी इनकम टैक्स के अधिकारियों को मिले हैं.