आइटी सर्वे में खुलासा
रिम्स के संसाधनाें का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करते हैं डॉ हेमंत
रांची : हृदय राेग विशेषज्ञ डॉ हेमंत नारायण निजी लाभ के लिए रिम्स के संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं. कार्डियोलॉजी विभाग में की गयी जांच पड़ताल के दौरान आयकर अधिकारियों को इस बात के सबूत मिले हैं. कई मरीजों ने इलाज के लिए 1.30 से 1.50 लाख रुपये तक देने की बात आयकर अधिकारियों के सामने स्वीकार की है. आयकर विभाग ने डॉ हेमंत द्वारा सरकारी संसाधनों का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करने को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को इसकी सूचना देने का फैसला किया है. इधर जमशेदपुर में डॉक्टरों द्वारा आमदनी छिपाने और चार गुना तक अधिक आय का रिटर्न दाखिल करने की बात स्वीकार करने के बाद सर्वे की कार्रवाई समाप्त हो गयी
अपनी निगरानी में ले गये रिम्स : आयकर विभाग के अधिकारियों ने जांच पड़ताल और पूछताछ के उद्देश्य से डॉ हेमंत नारायण को अपनी निगरानी में रखा है. आयकर अधिकारियों ने डॉक्टर हेमंत नारायण के अनुरोध के स्वीकार करते हुए उन्हें शुक्रवार को ऑपरेशन करने की अनुमति दी.
क्लिनिक में राेगी देखते हैं…
आयकर अधिकारी अपनी निगरानी में ही उन्हें रिम्स ले गये और कैथ लैब में पहुंचाया. हालांकि आयकर विभाग के अधिकारी उन पर नजर रखने के लिए कैथ लैब के गेट पर खड़े रहे.
चार गुना तक अधिक का रिटर्न भरेंगे : आयकर विभाग सर्वे के दौरान जमशेदपुर के डॉक्टरों ने अपनी वास्तविक आमदनी छिपाने की बात स्वीकार की. साथ ही चार गुना तक अधिक आमदनी दिखाते हुए आयकर रिटर्न दाखिल करने और उसकी के अनुरूप टैक्स देने का बात स्वीकार की. सर्वे में मिले दस्तावेज के आधार पर हुई पूछताछ के दौरान अधिक आमदनी दिखा कर रिटर्न दाखिल करने की बाद स्वीकार करने के बाद सर्वे की कार्रवाई शुक्रवार को सुबह समाप्त हो गयी.
डॉ लुकटुके 10 लाख की आमदनी दिखाते थे :आयकर अधिकारियों द्वारा की गयी पूछताछ में डॉ उनमेश लुकटुके ने 40-50 लाख की आमदनी दिखाते हुए आयकर रिटर्न दाखिल करने और इसी के अनुरूप इनकम टैक्स देने की बात स्वीकार की. अब तक वह सिर्फ 10 लाख रुपये सालाना की आमदनी दिखा कर रिटर्न दाखिल करते थे और उसी हिसाब से टैक्स देते थे. डॉ राजेश ने एक करोड़ रुपये की आमदनी दिखाते हुए रिटर्न दाखिल करने और इनकम टैक्स देने की बात स्वीकार की. पिछले साल उन्होंने रिटर्न में करीब 50 लाख रुपये की आमदनी दिखायी थी. डॉ एससी दास ने 40 लाख रुपये की आय का रिटर्न दाखिल करने की बाद कही है.
उन्होंने नौ लाख रुपये की आय पर एडवांस टैक्स दिया है. इससे पहले तक वह टैक्स के रूप में एक से दो लाख रुपये तक ही देते रहे हैं. डॉ दीपा घोष ने भी 12 लाख रुपये की आमदनी पर रिटर्न दाखिल करने की बात स्वीकार की है. उन्होंने तीन लाख रुपये एडवांस टैक्स दिया है. इससे पहले तक वह तीन लाख रुपये तक की आमदनी का रिटर्न दाखिल करती थी. मेडिटेक डायगनोस्टिक के संचालक विकास कुमार साह ने भी 20 प्रतिशत की आमदनी दिखाते हुए रिटर्न दाखिल करने और इसकी के अनुरूप टैक्स देने की बात स्वीकार की है. अब तक वह आठ से 10 प्रतिशत तक की आमदनी दिखाते थे. अब उन्हें 40-50 लाख तक की आमदनी दिखाते हुए रिटर्न दाखिल करना होगा और टैक्स देना होगा.
रांची में सर्वे जारी
पूछताछ के उद्देश्य से डॉ हेमंत नारायण को अपनी निगरानी में रखा है विभाग ने
रिम्स के निजी इस्तेमाल की सूचना राज्य सरकार काे देंगे आयकर अधिकारी
अपने अशाेकनगर आवास पर भी राेगी देखते हैं डॉ हेमंत
जमशेदपुर के डॉक्टर अगले वर्ष से चार गुना तक अधिक रिटर्न दाखिल करेंगे
कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों से बात की
अधिकारियों ने कार्डियोलॉजी विभाग में कुछ मरीजों से बात की और इलाज पर होनेवाले खर्च की जानकारी मांगी. कुछ मरीजों ने बताया कि उन्होंने फीस देकर बरियातू स्थित क्लिनिक में हेमंत नारायण से दिखाया. उनके निर्देश पर भर्ती हुए और इलाज के लिए उन्हें 1.30 लाख रुपये का भुगतान किया. कुछ दूसरे मरीजों ने भी अस्पताल में भर्ती होने की यही प्रक्रिया बतायी और इलाज के लिए 1.5 लाख देने का बात स्वीकार की. मरीजों द्वारा दिये गये इस बयान के आधार पर आयकर अधिकारियों ने यह नतीजा निकाला है कि डॉ हेमंत नारायण रिम्स में सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गया सुविधाओं का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए कर रहे है.
यह गंभीर मामला है. इसलिए इसकी जानकारी सरकार को दी जाना चाहिए. सर्वे के दौरान आयकर अधिकारियों को इस बात की भी जानकारी मिली है कि हेमंत नारायण अशोक नगर स्थित अपने घर के क्लिनिक में भी मरीज देखते हैं. उसी क्लिनिक में उनकी पत्नी भी मरीज देखती हैं.
