रांची : टाटीसिलवे से करीब छह किमी दूर अनगड़ा प्रखंड के जनजातीय गांव डुमर टोली तथा इसके टोले डेंबाबुरा, मरंग बेड़ा व टुंगरी टोली के करीब पांच सौ ग्रामीण आजादी के बाद से ही बिजली का इंतजार कर रहे हैं.
पर इधर, चार माह का उनका धैर्य अब जवाब दे रहा है. यही वजह है कि ग्रामीणों ने गत दिनों आक्रोश बैठक कर बिजली की मांग की है. डुमरटोली के हरि उरांव ने बताया कि गांव में पोल, तार व ट्रांसफॉर्मर चार माह पहले लग चुके हैं पर अब तक बिजली नहीं आयी है. ठेकेदार बालमुनी शर्मा के कहने पर गांव के 10-20 युवाओं ने समय निकाल बिजली का पोल खुद गाड़ा था.
टाटीसिलवे के पुराना चतरा गांव से अपने गांव के बीच करीब छह किमी तक जगह-जगह पोल गाड़ने में युवाअों को साल भर लगे थे. पर ग्रामीणों के साथ दोहरा धोखा हुआ. एक तो ठेकेदार ने किसी को एक रुपये भी मजदूरी नहीं दी और न ही गांव तक बिजली पहुंची. अब तीन साल बाद दूसरे (होरहाप के) रास्ते से पोल-तार तो लगाये गये, पर बिजली मिलनी बाकी है.
