टानाभगत मुक्ति दिवस समारोह में बोले केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत
टानाभगतों की जीवनशैली आत्मसात की जाती, तो आज नशाखोरी जैसी समस्या नहीं उभरती : पद्मश्री अशोक भगत
बेड़ो : जिला प्रशासन द्वारा महादानी मंदिर मैदान में गुरुवार को राज्य स्तरीय टानाभगत मुक्ति दिवस समारोह का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन केंद्रीय राज्यमंत्री सुदर्शन भगत, विधायक गंगोत्री कुजूर, पद्मश्री अशोक भगत, पद्मश्री सिमोन उरांव, प्रो सचिंद्र नारायण व उप समाहर्ता अंजनी कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया. मंत्री भगत ने कहा कि आजादी की लड़ाई में टानाभगतों ने अहिंसा का मार्ग अपना कर आंदोलन चलाया था. गांधीजी के सच्चे अनुयायी के रूप में टानाभगतों की पहचान है.
अहिंसा के मार्ग पर चल कर टानाभगतों द्वारा समाज सुधार का जो काम किया गया, वह एक मिसाल है. गंगोत्री कुजूर ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार टानाभगतों के विकास के लिए कृत संकल्प है. राज्य में टानाभगत विकास प्राधिकार का गठन किया गया है. इनके बच्चों की शिक्षा के लिए रक्षा विश्वविद्यालय बनाया गया. बनहोरा में अतिथिशाला बनायी गयी. उच्च शिक्षा के लिए एकलव्य आवासीय विद्यालय की व्यवस्था की जा रही है.
टानाभगतों को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है. पद्मश्री अशोक भगत ने कहा कि आजादी के बाद अगर टानाभगतों की जीवनशैली आत्मसात की जाती, तो आज नशाखोरी समस्या बन कर नहीं उभरती. आदिवासी दया के पात्र नहीं रहते. टानाभगतों की सादगी भरी जिंदगी व स्वच्छता आज भी प्रासंगिक है.
पूर्व विधायक गंगा टानाभगत ने कहा टानाभगतों ने लंबी लड़ाई के बाद 30 अगस्त 2010 को अपनी जमीन का मालिकाना हक प्राप्त किया. वे सरकारी योजनाओं से वंचित थे. प्रो सचिंद्र नारायण ने कहा कि गांधीजी महादानी आये थे, तो टानाभगतों से ही मिले थे. इन सब यादों को समाहित करते हुए उन्होंने बेड़ो में गांधीजी की प्रतिमा व लाइब्रेरी बनाने की बात कही. समारोह को पद्मश्री सिमोन उरांव व भोगेन सोरेन ने भी संबोधित किया. इससे पूर्व अतिथियों ने खक्सीटोली में स्वतंत्रता सेनानी टानाभगतों के स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की. स्वतंत्रता सेनानी स्मारक स्थल पर चरखा छाप तिरंगा फहराया. प्रखंड परिसर में पौधरोपण किये.
वहीं अंचल कार्यालय द्वारा कई टानाभगतों को एक रुपये के टोकन पर मालगुजारी रसीद दी गयी. मौके पर बीडीओ विजय कुमार सोनी, सीओ असीम बाड़ा, बीइइअो हरेंद्र कुमार तिवारी, उपप्रमुख धनंजय कुमार राॅय, 20 सूत्री अध्यक्ष राजीव रंजन अधिकारी, उपाध्यक्ष अनिल उरांव, जगन्नाथ भगत, मुखिया साजर तिर्की, सुशांति भगत, बसंती कुमारी, राकेश भगत, जिलाध्यक्ष खेड़या टानाभगत, रंथु टानाभगत, बंधन टानाभगत सहित राज्य भर के टानाभगत उपस्थित थे.
