उत्तम महतो
रांची : रांची नगर निगम ने कांके में 18 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक वधशाला का निर्माण कराया है. इसका क्षेत्रफल करीब 20 एकड़ है. इस वधशाला में प्रतिदिन 1000 पशुओं (खस्सी, बकरा, बकरी, भेड़) को काटने और उनके मीट को प्रोसेस करने की क्षमता है. लेकिन, मौजूदा समय में यहां किसी दिन एक खस्सी कटता है, जबकि किसी दिन फाका रहता है.
इतने कम पशुओं की कटाई होने के कारण वधशाला का संचालन कर रही कंपनी एमटीएस को काफी परेशानी हो रही है. कंपनी के अधिकारियों की मानें, तो अगर जल्द से जल्द नगर निगम उन्हें सहयोग नहीं करता और शहर में अवैध रूप से संचालित मटन दुकानों को बंद नहीं कराता है, तो इस स्लॉटर हाउस को चलाना मुश्किल हो जायेगा. वे कर्मचारियों को वेतन देने के लायक भी नहीं रहेंगे.
खाली बैठे रहते हैं स्लॉटर हाउस के कर्मचारी : एमटीएस के अधिकारी कहते हैं कि इस स्लॉटर हाउस के संचालन के लिए 60 कर्मचारियों को रखा गया है. इनमें कई इंजीनियर और टेक्नीशियन शामिल हैं. इन सभी कर्मचारियों को वेतन देने में 13 से 14 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं. वहीं हर महीने दो से तीन लाख रुपये बिजली का बिल आ रहा है. पशुओं की कटाई नहीं होने के कारण उनके कर्मचारी खाली बैठे रहते हैं. यानी उनकी आमदनी शून्य है. ऐसे में कर्मचारियों को वेतन देने की भी चुनौती खड़ी हो गयी है.
जागरूकता के अभाव में इन सुविधाओं का भी लाभ नहीं उठा रहे है लोग
लोगों तक हाइजीनिक मीट पहुंचाने के लिए नगर निगम ने मोरहाबादी मैदान, कांटाटोली, बूटी मोड़ व मधुकम में हाइटेक वातानुकूलित मटन शॉप खोले हैं. यहां बकरी का मीट 300 रुपये, बकरे का मीट 400 रुपये और खस्सी का मीट 500 रुपये प्रति किलो मीट की दर से मिलता है.
रांची नगर निगम के स्लॉटर हाउस में एेसी व्यवस्था की गयी है कि आमलोग भी अपने पशु लाकर कटवा सकते हैं. इसके लिए लोगों से प्रति खस्सी 120 रुपये लिये जायेंगे. इसके अलावा कटे हुए मीट को डीप फ्रीजर वैन के जरिये लोगों के घरों तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की गयी है.
रांची नगर निगम ने स्लॉटर हाउस में अपने पशु कटवाने वाले दुकानदारों की सहूलियत के लिए दो डीप फ्रीजर वैन भी खरीदे हैं. की योजना यह थी कि इन वैनों से ही शहर की मीट दुकान तक कटे हुए मांस की डिलिवरी जायेगी, लेकिन मीट दुकानदार इस सुविधा का लाभ नहीं उठा रहे हैं.
सावन बाद चलेगा अभियान
शहर के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से आग्रह किया जा चुका है कि वे स्लॉटर हाउस से ही मीट की खरीदारी करें. फिलहाल सावन चल रहा है. इस माह में कम ही लोग मीट खाते हैं. सावन के बाद व्यापक अभियान चलाकर अवैध रूप से मांस की बिक्री को बंद कराया जायेगा, ताकि लोगों तक हाइजेनिक मीट पहुंच सके.
संदीप कुमार, सिटी मैनेजर, रांची नगर निगम
