रांची : भारत के लिए सतत कृषि विकास चनौती

डॉ एसके मुखर्जी मेमोरियल लेक्चर का आयोजन रांची : आइसीएआर पूर्वी क्षेत्र, पटना के निदेशक डॉ बीपी भट्ट ने कहा है कि इस शताब्दी में भारत के लिए सतत कृषि विकास और खाद्य सुरक्षा महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक होगी. जलवायु परिवर्तन की तरह भूमि अतिक्रमण, एक मानव वंशीय प्रेरित प्रक्रिया है. इससे पूरे देश […]

डॉ एसके मुखर्जी मेमोरियल लेक्चर का आयोजन
रांची : आइसीएआर पूर्वी क्षेत्र, पटना के निदेशक डॉ बीपी भट्ट ने कहा है कि इस शताब्दी में भारत के लिए सतत कृषि विकास और खाद्य सुरक्षा महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक होगी. जलवायु परिवर्तन की तरह भूमि अतिक्रमण, एक मानव वंशीय प्रेरित प्रक्रिया है. इससे पूरे देश में खेती समुदायों की स्थायी आजीविका सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है. इसलिए खाद्य सुरक्षा के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण जरूरी है.
डॉ भट्ट शनिवार को बिरसा कृषि विवि में डॉ एसके मुखर्जी मेमोरियल लेक्चर के तहत पूर्वी भारत के अपरिवर्तित और अपशिष्टों का सतत प्रबंधन विषय पर व्याख्यान दे रहे थे.
डॉ भट्ट ने कहा कि कृषि उत्पादकता में गिरावट की वजह से खाद्य असुरक्षा बढ़ रही है.इसके लिए कृषि के टिकाऊ तीव्रता के लिए अपर्याप्त भूमि को पुन: प्राप्त करने के तरीके से, कृषि भूमि के तहत क्षेत्र को बढ़ाने के लिए एक दबदबा की आवश्यकता है. कुलपति डॉ पी कौशल ने कहा कि फसल, पशुधन, मछली, वानिकी, बागवानी जैसी कृषि के एकीकृत घटक प्रणाली पर जोर देकर संसाधन का अधिकतम उपयोग किया जा सकता है.
इससे पूर्व आगंतुकों का स्वागत डॉ डीके शाही ने व धन्यवाद ज्ञापन डॉ पी महापात्र ने किया. मौके पर डॉ डीएन सिंह, डॉ एके सिंह, डॉ जेडए हैदर, डॉ एमएस यादव, डॉ एम महतो, डॉ सोहन राम, डॉ एस कर्मकार, डॉ बीके अग्रवाल, डॉ राकेश कुमार, डॉ पीके सिंह, डॉ अरविंद कुमार, डॉ एनसी गुप्ता, डॉ एसबी कुमार सहित कई वैज्ञानिक व पीजी के छात्र उपस्थित थे.

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