रांची : मिशनरीज ऑफ चैरिटी से जुड़े एक होम से बच्चा बिक्री किये जाने के मामले के अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर मो निहाल को बदल दिया गया है. इनकी जगह पर सीआइडी एडीजी ने इंस्पेक्टर उमेश कुमार ठाकुर को अनुसंधानकर्ता नियुक्त किया है. इससे पूर्व तत्कालीन सीआइडी एडीजी प्रशांत सिंह ने इंस्पेक्टर मो निहाल को मामले का अनुसंधानकर्ता नियुक्त किया था. इसके बाद से ही एक सीनियर अधिकारी ने इसका कई स्तर पर विराेध किया था.
हालांकि इस मामले में विभागीय अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं. जवाबदेही मिलने के बाद उमेश ठाकुर ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
मिशनरीज ऑफ चैरिटी होम में रह रही नाबालिग ने एक मई को सदर अस्पताल रांची में बच्चे को जन्म दिया था. नवजात को संस्था की कर्मचारी अनिमा इंदवार व संचालिका सिस्टर कोनसीलिया ने ओबरा निवासी दंपती सौरभ अग्रवाल व प्रीति अग्रवाल को बेच दिया था. इसके एवज में खर्च के नाम पर 1.20 लाख रुपये भी लिये थे. तीन जुलाई को अनिमा ने दंपती को रांची बुला बच्चा यह कहकर ले लिया कि इसे कोर्ट में पेश करना है.
जब बच्चा अग्रवाल दंपती को वापस नहीं मिला, तो उन्होंने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से इसकी शिकायत की. मामले की जांच के बाद मामला उजागर हुआ. प्राथमिकी दर्ज हुई . फिर मामला सीआइडी के सुपुर्द कर दिया गया था.
दूसरे दिन भी 37 एनजीओ की सीआइडी ने की जांच
विदेशी फंड के दुरुपयोग मामले में घिरे रांची के 36 व रामगढ़ के एक एनजीआे के ठिकानों पर सीआइडी की पड़ताल शनिवार देर शाम तक जारी रही. एजेंसी के अधिकारी फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेग्युलेशन एक्ट (एफसीआरए) के तहत संस्थाओं को मिले फंड और उसके उपयोग संबंधी दस्तावेज खंगालने में जुटे रहे. छापेमारी शुक्रवार सुबह आठ बजे शुरू हुई थी. 37 एनजीओ के ठिकाने पर चल रही पड़ताल में सीआइडी को कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं
सभी संस्थाआें को साेमवार तक बचे हुए दस्तावेज सौंपने को कहा गया है. दस्तावेज मिलने के बाद मामले में कुछ और खुलासा हो सकता है.
छापामारी में सीआइडी के अलावा आतंकवाद निरोधक दस्ता व अनुसंधान ट्रेनिंग स्कूल की कुल 37 टीम लगी है. टीम का नेतृत्व डीएसपी रविंद्र कुमार राय कर रहे हैं. जांच अधिकारी ने बताया कि एफसीआरए बैंक एकाउंट व एससीआरए सब एकाउंट (पांच साल का खाते का ब्याेरा) देने में संस्थाओं द्वारा आनाकानी की जा रही है.
कई संस्थाओं के बिल वाउचर, और फील्ड रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज अब तक नहीं मिले हैं. सोमवार तक दस्तावेज नहीं देनेवाले संस्थाओं के खिलाफ सीआइडी कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसी से अनुशंसा कर सकती है.
