रांची : विधायकों की खरीद-फरोख्त, स्वामी अग्निवेश पर भाजयुमो द्वारा जानलेवा हमला, बिरसा चौक में युवा कांग्रेस पर लाठीचार्ज, राजधानी में बढ़ते अपराध और भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल 2017 रद्द करने की मांग को लेकर शनिवार को विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने प्रतिरोध मार्च किया.
मोरहाबादी मैदान स्थित गांधी प्रतिमा से राजभवन तक प्रतिरोध मार्च निकाला गया. मोरहाबादी मैदान में कतारबद्ध होकर लोगों ने सरकार विरोधी नारे लगाये. इसके बाद रेडियम रोड, कचहरी चौक होते हुए मार्च राजभवन पहुंचा. यहां सभा हुई. सभा को संबोधित करते हुए झाविमो सुप्रीमो सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा : भाजपा का चरित्र जनता के सामने उजागर हो गया है. भाजपा लोकतंत्र में अपने अधिकार के लिए संघर्ष करने वाली हर आवाज को दबाने का काम कर रही है. सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू हो चुका है.
राज्य गठन के मकसद को धूमिल करने में लगी है भाजपा : पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि रघुवर राज में युवा, महिला, किसान, मजदूर, अल्पसंख्यक, छात्र का भविष्य अंधकारमय हो गया है. लोग अपराधियों के डर से सहमे हुए हैं. अधिकार मांग रहे युवा, महिला, किसान, मजदूर पर सरकार लाठी और गोली चलवाती है. भाजपा राज्य गठन के मकसद को धूमिल करने में लगी है. बाद में संयुक्त विपक्ष व सामाजिक संगठनों द्वारा राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया.
प्रतिरोध मार्च में झामुमो से अंतु तिर्की, झाविमो से राजीव रंजन मिश्र, संतोष सिंह, राजद से अभय सिंह, सीपीआइ से महेंद्र पाठक, अजय सिंह, सीपीआइएम से रघुनाथ लोहरा, माले से भुनेश्वर केवट, कांग्रेस से अनादि ब्रह्म, संजय पांडेय, सुरेश बैठा, विनय सिन्हा दीपू, आभा सिन्हा, राकेश सिन्हा, निरंजन पासवान, जगदीश साहु, सतीश पांडेय, बबलू शुक्ला, ज्योति सिंह मथारू, आदिवासी सेंगेल आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष थियोडर किड़ो, महामंत्री ललित किड़ो, आदिवासी जन परिषद से प्रेम शाही मुंडा, जनसंगठनों से आदिवासी बुद्धिजीवी मंच के वाल्टर कंडुलना, आदिवासी छात्र मोर्चा से अजय टोप्पो, ईसाई युवा मोर्चा से अल्विन लकड़ा समेत बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के लोग उपस्थित थे.
