नामकुम/रांची : राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण ने कहा कि अगर बच्चा किसी कारणवश शादी से पहले पैदा हो गया, फिर भी मां का उसके बच्चे के साथ रिश्ता उतना ही पवित्र रहता है. लड़कियों को यह समझना होगा कि वे मां बन रही हैं, उन्हें मां व बच्चे का संबंध एक बंदर से भी सीखना चाहिए, जो अपने बच्चे की मौत के बाद भी उसे नहीं छोड़ती. फिर हम तो मनुष्य हैं.
लड़कियां अपने बच्चों को अपनाएं, यही हमारा प्रयास होगा. वे शुक्रवार को नामकुम स्थित आश्रय संस्था में मिशनरीज ऑफ चैरिटी से शिफ्ट की गयी गर्भवती लड़कियों का हाल-चाल लेने के बाद मीडिया से मुखातिब थीं.
बच्चे पैदा करा कर बेचने वाली संस्थाओं की जरूरत नहीं : कल्याणी शरण श्रीमती शरण ने कड़े लहजे में कहा कि बच्चे पैदा कराकर गैर कानूनी तरीके से उन्हें बच्चे बेचा जाना किसी भी तरीके से स्वीकार्य नहीं है. ऐसी संस्थाओं की राज्य में कोई जरूरत नहीं है.
सरकार को पूरे देश में ऐसे कामों में लगी सभी संस्थाओं की जांच करानी चाहिए. बच्चों को बेचे जाने का प्रकरण एक दो लोगों की करतूत नहीं है, बल्कि पूरे संगठित तरीके से किया जा रहा है. ऐसी भयावह बात भी सामने आ रही है जहां लड़कियों को बच्चे पैदा कर बेचने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है तथा उनसे दूसरी लड़कियों को लीड करने को कहा जा रहा है.
यह सारा खेल बहुत पहले से चल रहा है, अगर एक मामला उजागर नहीं होता तो सबकुछ पहले की तरह ही चलता, ऐसी स्थिति में संस्थानों की भूमिका तो संदिग्ध है ही. आयोग पूरे मामले पर अपनी रिपोर्ट सरकार को भेजेगी.
लड़कियों के लिए सुरक्षा सहित कई अन्य सुविधाओं की मांग करेगा आयोग नामकुम स्थित आश्रय संस्था में अभी रह रहीं 11 लड़कियों से मुलाकात व केंद्र के निरीक्षण के बाद अध्यक्ष ने कहा कि संस्था द्वारा इन लड़कियों के लिए सराहनीय काम किया जा रहा है. संस्था के लोगों व यहां रहनेवाली लड़कियों के लिए सुरक्षा एक बड़ी समस्या है.
भवन की चहारदीवारी, सरकारी नर्स, 24 घंटे एंबुलेंस, जेनेरेटर, फ्रिज व कूलर के लिए सरकार से मांग की जायेगी. निरीक्षण के दौरान भाजपा महिला मोरचा अध्यक्ष आरती सिंह, काजल प्रधान, अनिता वर्मा सहित आश्रय के अध्यक्ष मंतोष तिवारी, सीओओ सौमी दत्ता सहित अन्य शामिल थे. आयोग द्वारा निरीक्षण के क्रम में महिला प्रोबेशन होम का भी दौरा किया गया.
