सकरी नदी से बिहार को पानी देने से झारखंड का इनकार, जानें क्या कहा है रघुवर राज्य सरकार ने

-बिहार सरकार ने 189 एमसीएम में से 178 एमसीएम पानी के इस्तेमाल की मांगी थी अनुमति -गिरिडीह व कोडरमा में पेयजल के लिए 122.74 एमसीएम पानी की जरूरत रांची : राज्य सरकार ने सकरी नदी कैचमेंट एरिया से बिहार को पानी देने से इनकार कर दिया है. साथ ही इससे संबंधित सूचना सेंट्रल वाटर कमीशन […]

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-बिहार सरकार ने 189 एमसीएम में से 178 एमसीएम पानी के इस्तेमाल की मांगी थी अनुमति

-गिरिडीह व कोडरमा में पेयजल के लिए 122.74 एमसीएम पानी की जरूरत

रांची : राज्य सरकार ने सकरी नदी कैचमेंट एरिया से बिहार को पानी देने से इनकार कर दिया है. साथ ही इससे संबंधित सूचना सेंट्रल वाटर कमीशन (सीडब्ल्यूसी) को दे दी है. बिहार सरकार ने झारखंड की सीमा में सकरी नदी के कैचमेंट एरिया में उपलब्ध 189 एमसीएम पानी में से 178 एमसीएम के इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी. सेंट्रल वाटर कमीशन ने बिहार की इस मांग पर सहमति देते हुए झारखंड से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगी थी. पर राज्य सरकार ने इस पर विचार करने के बाद पानी के इस्तेमाल के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया है.

क्या कहा है राज्य सरकार ने
इस मामले में राज्य सरकार की ओर से यह कहा गया है कि सकरी नदी बेसिन से कई लघु सिंचाई योजनाएं और चेक डैम का निर्माण किया गया है. साथ ही इससे जुड़ी कई सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं. इन सिंचाई परियोजनाओं के लिए सकरी नदी कैचमेंट से 90.50 एमसीएम पानी की जरूरत है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सरकी बेसिन से गिरिडीह और कोडरमा जिले के लिए पाइपलाइन जलापूर्ति योजनाओं को स्वीकृति दी है. गिरिडीह और कोडरमा जिला में वर्ष 2025 तक पेयजलापूर्ति के लिए 122.74 एमसीएम पानी की जरूरत है. वर्ष 2050 तक के लिए किये गये आकलन के अनुसार इन जिलों में पेयजलापूर्ति के लिए 207.32 एमसीएम पानी की जरूरत होगी. सरकार द्वारा फरवरी 2017 में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट में कई उद्योगपतियों ने इस क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है. इन औद्योगिक इकाइयों के लिए भी राज्य के पानी की जरूरत होगी जो सकरी नदी कैचमेंट एरिया से पूरी की जायेगी. इन परिस्थितियों के मद्देनजर पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए सकरी कैचमेंट से बिहार को पानी देने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सकता है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बिहार सरकार ने प्रस्तावित अपर सकरी परियोजना पर सेंट्रल वाटर कमीशन की सहमति के बाद राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की गयी थी. पर इस परियोजना में अत्यधिक डूब क्षेत्र होने की वजह से राज्य सरकार ने अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया था.

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