नवजात की खरीद-बिक्री का मामला : मिशनरीज से दस्तावेज गायब, संचालकों से पूछताछ करेगी जांच एजेंसियां

रांची : मिशनरीज ऑफ चैरिटी से बच्चों को बेचे जाने का मामला उजागर होने के बाद जारी जांच में पता चला है कि संस्थान से अप्रैल 2016 से पहले के दस्तावेज गायब हैं. प्रशासन ने इसकी जानकारी जांच एजेंसी को देने निर्णय लिया है. बताया जाता है कि गायब दस्तावेज को लेकर जांच एजेंसियां निर्मल […]

रांची : मिशनरीज ऑफ चैरिटी से बच्चों को बेचे जाने का मामला उजागर होने के बाद जारी जांच में पता चला है कि संस्थान से अप्रैल 2016 से पहले के दस्तावेज गायब हैं. प्रशासन ने इसकी जानकारी जांच एजेंसी को देने निर्णय लिया है. बताया जाता है कि गायब दस्तावेज को लेकर जांच एजेंसियां निर्मल हृदय की संचालकों से पूछताछ करेगी.
इन्हें नष्ट कर दिया गया है या कहीं और रखा गया है, इसकी भी जांच की जा रही है. निर्मल हृदय में जो भी गर्भवती पहुंचती थी, उसका पूरा ब्योरा रजिस्टर में दर्ज किया जाता है. साथ ही सीडब्ल्यूसी को इसकी जानकारी दी जाती है. प्रशासन की टीम ने जनवरी 2017 से जून 2018 तक के सारे दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली है. इसमें 26 बच्चों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पायी गयी है. दो बच्चों की मौत होने की पुष्टि भी हो चुकी है.
अभिभावकों को बच्चों से मिलने
की अनुमति मिली : सीडब्ल्यूसी में मंगलवार को हिनू शिशु सदन के बच्चों के कई अभिभावक पहुंचे. सीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने अभिभावकों से कहा कि वह बच्चों से मिल सकते हैं, लेकिन वापस ले जाने की अनुमति फिलहाल नहीं मिल पायेगी. बच्चों को वापस लेने की प्रक्रिया होती है. प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही इसकी अनुमति मिलेगी. जो अभिभावक बच्चों से मिलना चाहते थे, उन्हें सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद इसकी अनुमति दी गयी.

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