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गेल ने गैस पाइपलाइन के लिए 10 जिलों में फॉरेस्ट एनओसी मांगा वन भूमि के लिए क्लियरेंस मिलते ही शुरू होेगा काम सुनील चौधरी रांची : झारखंड से गुजरने वाली जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धर्मा गैस पाइपलाइन को लेकर अब भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस का मामला लंबित है. पिछले दिनों गैस अथॉरिटी अॉफ इंडिया लिमिटेड(गेल) द्वारा झारखंड सरकार से 10 […]

गेल ने गैस पाइपलाइन के लिए 10 जिलों में फॉरेस्ट एनओसी मांगा

वन भूमि के लिए क्लियरेंस मिलते ही शुरू होेगा काम
सुनील चौधरी
रांची : झारखंड से गुजरने वाली जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धर्मा गैस पाइपलाइन को लेकर अब भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस का मामला लंबित है. पिछले दिनों गैस अथॉरिटी अॉफ इंडिया लिमिटेड(गेल) द्वारा झारखंड सरकार से 10 जिलों में 114.8 हेक्टेयर जमीन के लिए एनओसी और फॉरेस्ट राइट एक्ट(एफआरए) सर्टिफिकेट की मांग की है.
इसमें 63.5 हेक्टेयर जमीन नोटिफाइड फॉरेस्ट क्षेत्र है और 51.2 हेक्टेयर जंगल झाड़ी है. जिन जिलों में एनओसी चाहिए, उनमें चतरा, हजारीबाग, गिरिडीह, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और सरायकेला शामिल हैं. बताया गया कि जंगल-झाड़ के लिए एनओसी और वन भूमि के लिए एफआरए सर्टिफिकेट मिलते ही आगे की कार्रवाई आरंभ कर दी जायेगी.
यह है योजना : गेल द्वारा जगदीशपुर-हल्दिया गैस पाइपलाइन की योजना पर काम कर रही है. इसमें झारखंड से यह पाइपलाइन 551.23 लंबाई की होगी. इसपर 4366 करोड़ रुपये खर्च होंगे. चतरा में यह पाइपलाइन 49.34, गिरिडीह में 53.18, हजारीबाग में 51.28,बोकारो में 101.95, रामगढ़ में 37.98, धनबाद में 3.14, सरायकेला में 42.98,रांची में 90.84, खूंटी में 69.43, गुमला में 7.69, सिमडेगा में 42.27 और पूर्वी सिंहभू में 0.15 किमी लंबाई की होगी.
बड़े कारखानों को होगी गैस की आपूर्ति : गेल द्वारा बिछायी जानेवाली इस पाइपलाइन से झारखंड के कई उद्योगों को फायदा होगा. नेचुरल गैस के इस पाइपलाइन से सिंदरी खाद कारखाना, सेल बोकारो, जिंदल स्टील एंड पावर, हिंडाल्को मुरी, एचइसी, उषा मार्टिन, रामकृष्णा फोर्जिंग लिमिटेड, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील जैसी कंपनियों को आपूर्ति की जायेगी. औद्योगिक, घरेलू और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के उपभोक्ताओं को नेचुरल गैस आपूर्ति किये जाने पर वायु प्रदूषण कम होने की बात कही गयी है.
रांची और जमशेदपुर में सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम बनेगा : गेल द्वारा रांची और जमशेदपुर में सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम का निर्माण किया जायेगा.
पाइप्ड नेचुरल गैस से रांची में 30 हजार घरों में और 75 हजार सीएनजी वाहनों को गैस की आपूर्ति की जायेगी. वहीं, जमशेदपुर में 25 हजार घरों में और 50 हजार वाहनों को सीएनजी गैस की आपूर्ति की जायेगी. भविष्य में बोकारो, हजारीबाग, धनबाद, रामगढ़ और गिरिडीह में सिटी गैस पाइपलाइन की योजना है.
सीएनजी स्टेशन के लिए मांगी गयी जमीन : गेल द्वारा सीएनजी स्टेशन के निर्माण के लिए रांची के नगड़ी, नामकुम, तुपुदाना, मोरहाबादी, कांके और धुर्वा में 50 मीटर बाइ 50 मीटर की जगह मांगी गयी है. साथ ही बस, अॉटो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सीएनजी गैस के इस्तेमाल को अनिवार्य किये जाने के लिए पॉलिसी बनाने की मांग भी की गयी है.
इसके लिए पाइप्ड नेचुरल गैस(पीएनजी) सभी सरकारी कॉलोनी, नये आवासीय कॉम्प्लेक्स और नये उद्योगों के लिए अनिवार्य किये जाने की मांग की गयी है. उद्योगों के लिए प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन जैसे की फर्नेंस अॉयल, डीजल और कोक के इस्तेमाल पर बैन लगाने के लिए नीति बनाने की मांग की गयी है.
20 अगस्त तक प्रक्रिया पूरी करने का सीएम ने दिया निर्देश : 28 जून को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आधारभूत संरचना पर बैठक की थी. उन्होंने गेल की परियोजनाओं के लिए 20 अगस्त तक सारी प्रक्रिया पूरी कर क्लीयरेंस देने का निर्देश दिया है.
जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो पाइपाललाइन
झारखंड में 10 जिलों से गुजरेगी पाइप लाइन
जमशेदपुर और रांची में सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम का निर्माण किया जायेगा
बस, अॉटो व पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सीएनजी का इस्तेमाल जरूरी बनायेगी सरकार
नेचुरल गैस से चलेंगे उद्योग, नहीं करेंगे फर्नेंस अॉयल और कोक का इस्तेमाल
सरकारी कॉलोनी और नये भवनों में पाइपलाइन गैस सिस्टम बनाना होगा अनिवार्य
इन जिलों में चाहिए क्लियरेंस : चतरा, हजारीबाग, गिरिडीह, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और सरायकेला

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