रांची : हिंदपीढ़ी के जुबैर की सउदी अरब में मौत, एनओसी नहीं मिलने से नहीं मिल पा रहा शव

रांची : हिंदपीढ़ी के रहने वाले जुबैर आलम (26 वर्ष) की सउदी अरब के रियाद में एक सड़क दुर्घटना में 23 मई की रात मौत हो गयी. वे 2016 से रियाद के बोनी कैफे में काम कर रहे थे. उनके भाई परवेज ने कहा कि जुबैर के शव को रांची लाने के लिए वे लोग […]

रांची : हिंदपीढ़ी के रहने वाले जुबैर आलम (26 वर्ष) की सउदी अरब के रियाद में एक सड़क दुर्घटना में 23 मई की रात मौत हो गयी. वे 2016 से रियाद के बोनी कैफे में काम कर रहे थे. उनके भाई परवेज ने कहा कि जुबैर के शव को रांची लाने के लिए वे लोग प्रयास कर रहे हैं, लेकिन काफी परेशानी आ रही है. कारण है कि शव लाने के लिए बोनी कैफे की ओर से एनओसी नहीं दिया जा रहा है. इस कारण शव को रांची लाने में दिक्कत हो रही है.
रियाद के बोनी कैफे में कार्यरत था
सारे कागजात सौंपे गये हैं
परवेज का कहना है कि सउदी अरब स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से सारे जरूरी कागजात भी सौंप दिये गये हैं. दूतावास से फोन भी आया, लेकिन रियाद के बोनी कैफे का सहयोग नहीं मिलने से परेशानी हो रही है.
इधर घरवाले परेशान हैं कि कैसे क्या होगा़ हमारी सरकार से फरियाद है कि मामले में हस्तक्षेप करें ताकि जुबैर का शव रांची ला सकें
फोन भी नहीं उठा रहा बोनी कैफे प्रबंधन
परवेज सहित उसके परिजनों का कहना है कि जब भी बोनी कैफे के प्रबंधन से संपर्क किया जा रहा है, तो भारतीय नंबर देख कर वे लोग फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं.
लिहाजा, परिजनों ने मुख्यमंत्री रघुवर दास से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगायी है. साथ ही जिस व्यक्ति ने चार पहिया वाहन से जुबेर को धक्का मारा था, उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग परिजनों ने की है. हालांकि, संबंधित व्यक्ति पकड़ा जा चुका है अौर वह जेल में है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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