झारखंड :पहली बार बना राजस्व सेवा संवर्ग,राजस्व कर्मचारी वरीयता के आधार पर अब एएसओ व सीओ बन सकेंगे
राणा प्रताप... रांची : झारखंड में उप निरीक्षक (पुराना नाम राजस्व कर्मचारी) योग्यता व वरीयता के आधार पर अब एडीएम रैंक स्तर तक प्रोन्नति प्राप्त कर सकेंगे.इसके लिए एक उप निदेशक (एडीएम रैंक) का पद चिह्नित किया गया है. साथ ही राजपत्रित वर्ग-टू के एएसअो के 79 पद व अंचलाधिकारी के 66 पद, राजपत्रित वर्ग-एक […]
राणा प्रताप
रांची : झारखंड में उप निरीक्षक (पुराना नाम राजस्व कर्मचारी) योग्यता व वरीयता के आधार पर अब एडीएम रैंक स्तर तक प्रोन्नति प्राप्त कर सकेंगे.इसके लिए एक उप निदेशक (एडीएम रैंक) का पद चिह्नित किया गया है. साथ ही राजपत्रित वर्ग-टू के एएसअो के 79 पद व अंचलाधिकारी के 66 पद, राजपत्रित वर्ग-एक के 15 पद व एडीएम रैंक का एक पद प्राप्त हुआ है. ऐसा राजस्व सेवा संवर्ग के गठन के बाद संभव हो सका है. राज्य में पहली बार उक्त संवर्ग का गठन किया गया है.
इसके लिए राजस्व कर्मचारियों के प्रतिनिधि संगठन द्वारा वर्ष 2004 से संघर्ष किया जा रहा था. विगत दिनों कैबिनेट ने झारखंड राजस्व सेवा संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति व अन्य सेवा शर्त) नियमावली को स्वीकृति प्रदान की थी. इसका सर्वाधिक लाभ अंचल निरीक्षक पद पर कार्यरत कर्मियों (सीधी नियुक्ति या प्रोन्नति से) को होगा. अंचल निरीक्षक वरीयता के आधार पर सीधे सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (एएसअो) या अंचलाधिकारी (सीअो) बनाये जायेंगे.
79 एएसअो व 66 अंचलाधिकारी बनेंगे. एएसअो/सीअो से वरीयता सह विभागीय परीक्षा पास करने के बाद डीसीएलआर (तीन पद), डीएलअो (10 पद), कोल्हान अधीक्षक (एक पद) व सहायक निदेशक (एक पद) के पद पर प्रोन्नति दी जायेगी. यहां से वरीयता के आधार पर एडीएम रैंक में प्रोन्नति मिल सकेगी.
अंचल निरीक्षक के पद पर 50 प्रतिशत सीधी नियुक्ति
राज्य में 372 अंचल निरीक्षकों (सीअाइ) का पद स्वीकृत है. इनमें से 50 प्रतिशत पद सीधी नियुक्ति से भरे जायेंगे, जबकि 50 प्रतिशत पद उप निरीक्षक से प्रोन्नति से भरे जायेंगे.
इसमें से 25 प्रतिशत पद वरीयता के आधार पर एवं 25 प्रतिशत पद सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के रिजल्ट के आधार पर भरे जायेंगे. राज्य में कुल 2014 उप निरीक्षक (राजस्व कर्मचारी) के पद सृजित हैं.
14 वर्षों के संघर्ष के बाद मिली सफलता : भरत
झारखंड भूमि सुधार कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री भरत कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले 14 वर्षों के कड़े संघर्ष के बाद राजस्व सेवा संवर्ग का गठन संभव हुआ है.
यह सफलता सरकार के सकारात्मक सोच से मिली है. यह सफलता अधूरी है. जजेज प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, राजस्व कर्मचारियों को 2400 का ग्रेड पे देने व हल्का इकाई का पुनर्गठन होने तक संघर्ष जारी रहेगा.
