रांची : विवि शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के लिए कमेटी गठित

सीएम ने पिछले माह ही स्वीकृति प्रदान की थी रांची : राज्य के विश्वविद्यालय शिक्षकों को सातवां वेतनमान देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. उच्च शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह ने दो मई को इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है. कमेटी के अध्यक्ष विकास आयुक्त होंगे. […]

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सीएम ने पिछले माह ही स्वीकृति प्रदान की थी
रांची : राज्य के विश्वविद्यालय शिक्षकों को सातवां वेतनमान देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. उच्च शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह ने दो मई को इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है. कमेटी के अध्यक्ष विकास आयुक्त होंगे. वहीं योजना सह वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव व सचिव को सदस्य बनाया गया है.
मुख्यमंत्री ने पिछले माह ही कमेटी गठन की स्वीकृति प्रदान कर दी थी. कमेटी में रांची विवि के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय व विनोबा भावे विवि के कुलपति डॉ रमेश शरण को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
उच्च शिक्षा निदेशक अबू इमरान को सदस्य सचिव बनाया गया है. अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य के विवि एवं स्नातक स्तरीय महाविद्यालयों (घाटानुदानित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों सहित) के शिक्षकों, विवि के कुलपति/प्रतिकुलपति/पदाधिकारियों के लिए यूजीसी द्वारा अनुशंसित पुनरीक्षित वेतनमान लागू करने के क्रम में पुनरीक्षित वेतनमान एवं रेगुलेशन की समीक्षा कर प्रस्ताव बनाने के लिए कमेटी का गठन किया गया है.
यह कमेटी अधिसूचना निर्गत होने की तिथि के दो माह के अंदर यूजीसी रेगुलेशन में अंकित सेवा शर्तों एवं पुनरीक्षित वेतनमान में प्रतिस्थानी वेतनमान प्रदान करने से संबंधित अपना प्रस्ताव विभाग को उपलब्ध करायेगी.
उच्च शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह, उच्च शिक्षा निदेशक अबु इमरान व उपनिदेशक संजीव चतुर्वेदी ने शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाने के लिए विभागीय प्रस्ताव बनाने का कार्य किया था. विवि में शिक्षकों को अभी छठे वेतनमान का लाभ मिल रहा है. सातवें वेतनमान का लाभ मिलने पर शिक्षकों के वेतन में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि हो जायेगी. शिक्षकों को 20 से 30 हजार रुपये का फायदा हो सकता है.
वर्तमान में व्याख्याता को लगभग 60 से 65 हजार रुपये, रीडर को लगभग सवा लाख रुपये अौर प्रोफेसर को लगभग एक लाख 70 हजार रुपये मिल रहे हैं.
वेतनमान को लागू करने और इसमें कई मुद्दों पर संशोधन के लिए विवि शिक्षकों ने देश भर में आंदोलन भी किया था. नये नियम के अनुसार, सातवें वेतनमान के तहत केंद्र से राज्यों को मिलनेवाली राशि में दो तिहाई की कमी की गयी है.
नये मापदंड के अनुसार, केंद्र राज्यों को शिक्षकों के वेतन मद में दी जानेवाली राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा यानी 39 माह तक ही वहन करेगा. छठे वेतनमान में केंद्र 51 माह में 80 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में देता था. बढ़े हुए वेतन का लाभ एक जनवरी 2006 से मिलेगा.
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