रांची :इस मामले में अमित महतो को हुई 2 साल की सजा, विधायकी भी गयी, जानें अब JMM के कितने विधायक ?

रांची : सिल्ली के झामुमो विधायक अमित महतो सहित आठ लोगों को अपर न्यायायुक्त (एजेसी) दिवाकर पांडे की अदालत ने सोनाहातू के पूर्व सीओ आलोक कुमार के साथ मारपीट करने का दोषी पाते हुए दो-दो साल की सजा सुनायी है. अमित महतो के अलावा जिन्हें सजा दी गयी, उनमें वीरेंदर महतो, पंचानन सिंह मुंडा, मंजीत […]

रांची : सिल्ली के झामुमो विधायक अमित महतो सहित आठ लोगों को अपर न्यायायुक्त (एजेसी) दिवाकर पांडे की अदालत ने सोनाहातू के पूर्व सीओ आलोक कुमार के साथ मारपीट करने का दोषी पाते हुए दो-दो साल की सजा सुनायी है.
अमित महतो के अलावा जिन्हें सजा दी गयी, उनमें वीरेंदर महतो, पंचानन सिंह मुंडा, मंजीत कुमार साहू, शिशिर कुमार महतो, कामेश्वर महतो, नंद किशोर महतो व कृष्णा मुंडा शामिल हैं.
अदालत ने सभी पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर सभी को 14-14 महीने की अतिरिक्त सश्रम सजा काटनी होगी. ऊपरी अदालत में अपील दायर करने के लिए सभी को जमानत भी दे दी गयी. दो साल की सजा होते ही अमित महतो की विधानसभा की सदस्यता स्वत: समाप्त हो गयी है. वह अब आठ साल चुनाव भी नहीं लड़ पायेंगे.
किन-किन धाराओं में पाये गये दोषी : अदालत ने अमित महतो को धारा 147 (नाजायज मजमा लगाने), धारा 323 (मारपीट करने), धारा 341 (कहीं जाने से रोकने), धारा 353 (सरकारी कामकाज में बाधा डालने), धारा 427 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाने) अौर धारा 506 (गाली गलौज करने) के मामले में दोषी करार दिया. अदालत ने अपने फैसले में इस बात पर आश्चर्य जताया कि तीन चश्मदीद गवाहों ने घटना का समर्थन नहीं किया.
डॉक्टर ने जो गवाही दी अौर मेडिकल रिपोर्ट दी, उसमें सीअो को लगी चोट को गंभीर नहीं माना गया था. अमित महतो ने अपने बचाव में जो गवाह प्रस्तुत किये, उन सभी ने यही कहा कि 2005 में अमित महतो ने सुदेश महतो के खिलाफ चुनाव लड़ा था, इसलिए उसे फंसाया गया. इन गवाही को कोर्ट ने विश्वसनीय नहीं माना.
तीन विधायकों की पहले जा चुकी है सदस्यता
– आजसू के लोहरदगा से विधायक रहे कमल किशोर भगत व राजधनवार से झाविमो विधायक निजामुद्दीन अंसारी की सदस्यता दो वर्ष से अधिक की सजा सुनाये जाने के बाद खत्म हो चुकी है. कमल किशोर को डॉक्टर केके सिन्हा के साथ मारपीट करने का दोषी पाया गया था. निजामुद्दीन को गिरिडीह में प्रदर्शन के दौरान उपद्रव फैलाने को लेकर सजा दी गयी थी.
– झामुमो के गोमिया से विधायक रहे योगेंद्र प्रसाद महतो की भी सदस्यता जा चुकी है. कोयला चोरी के मामले में उन्हें रामगढ़ की एसडीजेएम की अदालत ने तीन साल की सजा सुनायी थी
सिल्ली से झामुमो के टिकट पर जीते थे
क्या है मामला
मामला सोनाहातू थाना कांड संख्या 42/06 दिनांक 28/6/2006 से संबंधित है. तत्कालीन सीअो आलोक कुमार ने अमित महतो के खिलाफ नाजायज मजमा लगाकर हरवे हथियार के साथ हमला करने, सरकारी काम में बाधा डालने अौर सामान ले जाने से संबंधित आरोप लगाये थे. मामले में अभियोजन की अोर से आठ गवाही दर्ज करायी गयी. बचाव पक्ष की अोर से 14 गवाही हुई.
जिंदगी हर कदम एक नयी जंग है : अमित महतो
जमानत मिलने के बाद अमित महतो ने कहा : जिंदगी हर कदम एक नयी जंग है. सिल्ली की जनता मेरे साथ है. मैं विधायकी के लिए राजनीति में नहीं आया था. 17 साल पहले मैं विधायक नहीं था. मैं तीन साल से विधायक हूं. जनता के बुनियादी सवालों का समाधान होना चाहिए. फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, किसी भी मामले में जनप्रतिनिधियों को दो साल या उससे अधिक अवधि की सजा होने पर उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जायेगी. साथ ही सजा की अवधि समाप्त होने के छह साल बाद तक कोई चुनाव नहीं लड़ पायेंगे.
अब झामुमो के 17 विधायक
सजा सुनाये जाने के बाद अमित महतो की विधानसभा की सदस्यता खत्म हो गयी. अब विधानसभा में झामुमो के 17 विधायक ही बच गये. सदन में अब 79 विधायक ही रह गये.

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