झारखंड : आलोक चौरसिया के तीन में से एक गवाह पहुंचा, स्पीकर नाराज

निरस्त किये गये 43 गवाहों पर वादी-प्रतिवादी की सुनेंगे दलील, तब होगा फैसले पर पुनर्विचार रांची : दलबदल के मामले की सुनवाई में शुक्रवार को आलोक चौरसिया की ओर से तीन गवाहों को पेश किया जाना था़ आरोपी विधायक श्री चौरसिया की ओर से मात्र एक गवाह शंभू चौरसिया ही उपस्थित हो पाये़ प्रतिवादी पक्ष […]

निरस्त किये गये 43 गवाहों पर वादी-प्रतिवादी की सुनेंगे दलील, तब होगा फैसले पर पुनर्विचार
रांची : दलबदल के मामले की सुनवाई में शुक्रवार को आलोक चौरसिया की ओर से तीन गवाहों को पेश किया जाना था़ आरोपी विधायक श्री चौरसिया की ओर से मात्र एक गवाह शंभू चौरसिया ही उपस्थित हो पाये़ प्रतिवादी पक्ष (आरोपी छह विधायक) का कहना था कि उनके शेष दो गवाह आना नहीं चाह रहे है़
उसमें एक गवाह सरकारी नौकरी में है़ं गवाहों का कहना है कि न्यायालय की ओर से अगर सम्मन आयेगा, तो वो जायेंगे़ प्रतिवादी पक्ष का कहना था कि न्यायाधिकरण को यह अधिकार है कि वह गवाहों को लाने के लिए सम्मन जारी कर सकता है. मामले की सुनवाई कर रहे स्पीकर दिनेश उरांव प्रतिवादी पक्ष की दलील से नाराज हुए. स्पीकर का कहना था कि प्रतिवादी पक्ष न्यायाधिकरण का सहयोग नहीं कर रहा है़
कोई काम सिस्टम से होना चाहिए. गवाहों की सूची दी गयी, फिर शॉर्टलिस्ट सूची दी गयी. दूसरे गवाहों को लेकर यह प्रक्रिया नहीं अपनायी गयी़ कोई सम्मन नहीं भेजा जायेगा़ प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता के इस बात से स्पीकर नाराज हो गये कि आप जो चाहे फैसला दे सकते हैं. स्पीकर ने कहा कि ऐसा नहीं है, हम अपने विवेक से फैसला लेंगे.
उधर, आरोपी विधायकों के गवाहों की शॉर्टलिस्ट सूची नहीं दिये जाने के कारण निरस्त किये गये 43 गवाहों की गवाही के लिए प्रतिवादी पक्ष की ओर से आग्रह किया गया है़ इस मामले में स्पीकर ने कहा कि प्रतिवादी पक्ष पहले यह बताये कि निरस्त किये गये गवाहों को लेकर फैसले पर पुनर्विचार क्यों किया जाये़
स्पीकर ने कहा कि इस मामले में वह अगली तिथि में सुनवाई करेंगे़ वादी-प्रतिवादी अपनी दलील रखें, उसके बाद ही निरस्त गवाहों को लेकर फैसला होगा़ उधर, आलोक चौरसिया की ओर से आये शंभु चौरसिया का वादी पक्ष ने क्रॉस एक्जामिन किया. गवाह का कहना था कि झाविमो का भाजपा में विलय हो गया है़ वादी पक्ष के अधिवक्ता आरएन सहाय ने गवाह से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी़
अब सात फरवरी के बाद होगी सुनवाई
प्रतिवादी पक्ष की ओर से कहा गया कि उनके वरीय अधिवक्ता बहस करना चाहते है़ं अगली तिथि तय कर दी जाये. स्पीकर का कहना था कि आनेवाले 17 जनवरी से विधानसभा का सत्र है. सात फरवरी को सत्र की समाप्ति के बाद ही अगली सुनवाई होगी़

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