Jharkhand Police Security Reshuffle : राज्य में नक्सल, अपराध और विधि-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा बलों की तैनाती में बड़ा बदलाव किया है. गृह मंत्रालय द्वारा नौ एसआरइ जिलों में से पांच जिलों को एसआरइ योजना से बाहर किये जाने और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की कुछ कंपनियों को अन्य राज्यों में भेजने की प्रक्रिया के बीच यह निर्णय लिया गया है. पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार सात जिलों के 11 पोस्ट और पिकेटों को पूरी तरह खाली कर जिला प्रशासन को सौंपा जायेगा. वहीं 18 अन्य पिकेटों और पोस्टों से बलों की संख्या घटायी जायेगी. इस पूरी प्रक्रिया में कुल 688 जवानों को उनकी मूल वाहिनियों में वापस भेजा जायेगा. इनमें 393 जवान पूरी तरह खाली किये जा रहे पिकेटों से और 295 जवान आंशिक रूप से बल घटाये जा रहे पिकेटों से लौटेंगे.
इन 11 पिकेटों को किया जायेगा खाली
रांची जिले के तमाड़ स्थित विजयगिरी पिकेट, गुमला के पालकोट स्थित गुदमा पिकेट, खूंटी के मुरहू स्थित केवड़ा पिकेट और रानियां स्थित टोकेन पिकेट को खाली किया जायेगा. इसके अलावा लातेहार के ओरिया, पतकी और बोदा पिकेट, गिरिडीह के कोलचुवा और बेलाटांड़ पिकेट, पूर्वी सिंहभूम के डांगरडीह पिकेट तथा सरायकेला-खरसावां के रेडिंगढ़ा पिकेट से भी बलों की वापसी होगी.
18 पिकेटों से घटेगी जवानों की संख्या
पुलिस मुख्यालय ने 18 अन्य पोस्ट और पिकेटों की भी समीक्षा की है. इन स्थानों पर तैनात कुल 851 जवानों में से 556 जवान बने रहेंगे, जबकि 295 जवानों को वापस बुलाया जायेगा. जिन पिकेटों से बलों की आंशिक वापसी होगी उनमें खूंटी के बकसपुर और हुट, पलामू के कुकुकला, डगरा, मसुडिया, पदमा, चक पिकेट व पीपरटांड़ थाना, गढ़वा का मतगड़ी पिकेट, लातेहार के चौपटनाला, चिपरू और केड़ पिकेट, गिरिडीह के डाकबंगला, बरमसिया और शीतलनाला पिकेट, पूर्वी सिंहभूम के गुड़ाबांदा और भमराडीह पिकेट और सरायकेला-खरसावां का गोमियाडीह पिकेट और शामिल हैं.
रिजर्व में रखे जायेंगे जवान
पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जैप और आइआरबी वाहिनियों के कमांडेंटों को निर्देश दिया है कि वे जिला एसएसपी और एसपी के साथ समन्वय स्थापित कर वापस बुलाये गये जवानों को अपनी-अपनी वाहिनियों में क्लोज कर रिजर्व रखें. सूत्रों के अनुसार, रिजर्व में रखे जाने वाले इन जवानों का उपयोग भविष्य में आवश्यकता के अनुसार राज्य के अन्य जिलों में किया जा सकता है. सुरक्षा जरूरत और संवेदनशीलता को देखते हुए उनकी नयी तैनाती पर निर्णय लिया जायेगा.
ये भी पढ़ें: जंगल में बैठकर फर्जी APK से करते थे ठगी, गिरिडीह पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार
ये भी पढ़ें: ग्रेजुएट ट्रेंड टीचरों को मिलेगा समान वरीयता और अपग्रेड वेतन का लाभ, झारखंड हाईकोर्ट का आदेश
