झारखंड : देश की सबसे बड़ी सोना खदान परासी रूंगटा को

रांची : झारखंड में रांची जिले के तमाड़ के परासी में स्थित देश की सबसे बड़ी सोना खदान रूंगटा माइंस ने हासिल कर ली है. कंपनी ने बुधवार को हुई नीलामी में बेस प्राइस से 17 प्रतिशत अधिक बोली लगा कर इस खदान को हासिल किया. नीलामी खान विभाग व एमएसटीसी की ओर से करायी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : झारखंड में रांची जिले के तमाड़ के परासी में स्थित देश की सबसे बड़ी सोना खदान रूंगटा माइंस ने हासिल कर ली है. कंपनी ने बुधवार को हुई नीलामी में बेस प्राइस से 17 प्रतिशत अधिक बोली लगा कर इस खदान को हासिल किया. नीलामी खान विभाग व एमएसटीसी की ओर से करायी गयी थी. इसमें तकनीकी बिड में चयनित रूंगटा माइंस और वेदांता ने हिस्सा लिया था. पर वेदांता ज्यादा बोली लगाने में असफल साबित हुई. झारखंड माइनिंग शो 2017 के समापन समारोह में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने इसकी घोषणा की.
इसके साथ ही झारखंड अब तक चार खदानों की नीलामी में सफलता हासिल कर चुका है. इसके पूर्व पहाड़डिया सोना खदान और दो लाइम स्टोन खदान की नीलामी हो चुकी है. मुख्य सचिव ने कहा कि 11 और ब्लॉक तैयार हैं, जिनकी शीघ्र ही नीलामी करायी जायेगी. परासी सोना खदान को हासिल करनेवाली रूंगटा माइंस झारखंड में आयरन ओर, कोयला खदान व स्टील उद्योग में पूर्व से ही कार्यरत है.
सरकार ने रखा था 10 प्रतिशत बेस प्राइस : राज्य सरकार ने परासी सोना खदान के लिए बेस प्राइस 10 प्रतिशत रखी थी. रूंगटा माइंस ने 17 प्रतिशत बोली लगायी. यानी एक वर्ष में जितना उत्पादन होगा, उसका 17 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार के खाते में जायेगा. इसके अतिरिक्त रॉयल्टी का 10 से 12 प्रतिशत और डीएमफ का भी 10 से 12 प्रतिशत राज्य सरकार के खाते में जायेगा. रॉयल्टी, नीलामी राशि और डीएमएफ को मिला कर लगभग 40 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार के खाते में जाने का अनुमान है. एक अधिकारी ने बताया, यदि एक करोड़ का सोना निकलता है, तो इसमें लगभग 40 लाख रुपये राज्य सरकार को मिलेंगे. वहीं, इस खदान से एक टन खुदाई पर एक ग्राम सोना मिलने का अनुमान है.
झारखंड में कुल तीन सोना खदान
  • पश्चिमी सिंहभूम स्थित पहाड़डिया सोना खदान को दिल्ली की कंपनी मैथन इस्पात ने नीलामी में हासिल किया है.
  • सरायकेला स्थित लावा सोना खदान का लीज मनमोहन मिनरल्स को मिल चुका है
  • रांची जिले में स्थित परासी की नीलाम एक नवंबर को हुई
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