जीएसटी रिटर्न भरने में परेशानी, चार्टर्ड एकाउंटेंट के सहारे चल रहा है सिस्टम

रांची: राजधानी के व्यापारियों के लिए जीएसटी रिटर्न दाखिल करना एक कठिन टास्क हो गया है. प्रत्येक महीने की 20 तारीख को हर तरह के कारोबारियों को जीएसटीआर 3 (बी) पर रि्टर्न दाखिल करना अनिवार्य है. तय तिथि को रिटर्न दाखिल नहीं करने पर प्रत्येक दिन दो सौ रुपये का जुर्माना लिया जा रहा है. […]

रांची: राजधानी के व्यापारियों के लिए जीएसटी रिटर्न दाखिल करना एक कठिन टास्क हो गया है. प्रत्येक महीने की 20 तारीख को हर तरह के कारोबारियों को जीएसटीआर 3 (बी) पर रि्टर्न दाखिल करना अनिवार्य है. तय तिथि को रिटर्न दाखिल नहीं करने पर प्रत्येक दिन दो सौ रुपये का जुर्माना लिया जा रहा है. इससे बचने के लिए अधिकतर कारोबारी, व्यापारी चार्टर्ड एकाउंटेंट का सहारा ले रहे हैं. चार्टर्ड एकाउंटेंट न्यूनतम एक हजार रुपये ले रहे हैं. व्यापारियों के कुल कारोबार का आधार मान कर चार्टर्ड एकाउंटेंट अपना सर्विस चार्ज तय कर रहे हैं.
जुर्माना बना व्यापारियों के लिए मुसीबत
समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करने से सभी निबंधित व्यापारियों को जीएसटी के अधिकारी जुर्माना कर रहे हैं. यह व्यापारियों के लिए मुसीबत बन गयी है. महीने में तीन बार रिटर्न भरना जरूरी किया गया है. इसके लिए निबंधित व्यापारियों को जीएसटी पोर्टल में महीने की बिक्री का हिसाब-किताब, खरीदारी का ब्योरा और खरीद-बिक्री के आधार पर कर की बाध्यता से संबंधित रिटर्न देना जरूरी है. अब केंद्र सरकार ने व्यापारियों के लिए अंतरिम कर देने की व्यवस्था की है. इसमें खुद व्यापारियों को यह बताना है कि वे कितना माल महीने में खरीद रहे हैं और उस अनुपात में उनकी बिक्री कितनी हो रही है. इसी आधार पर स्वत: व्यापारियों को कर का कैलकुलेशन भी करना है.
जीएसटी पोर्टल नहीं कर रहा है ठीक से काम
जीएसटी का पोर्टल पिछले दो महीने से ठीक से काम नहीं कर रहा है. इससे भी कर का भुगतान करना समस्या बन गयी है. व्यापारियों का कहना है कि अभी भी कई तरह की जटिलताएं पोर्टल में हैं. कई फार्म डाउनलोड नहीं होते हैं. इससे रिटर्न भर कर अपलोड करने में दिक्कतें आ रही हैं. जीएसटीएन का नंबर चार दिन में जरूर मिल जा रहा है. पर अन्य तरह के प्रावधानों की सही जानकारी नहीं होने से जीएसटी के अधिकारी और व्यापारियों को परेशानी अधिक हो रही है. हाल ही में दीपावली के समय लोगों को जीएसटी रिटर्न भरने का निर्देश दिया गया. इससे कारोबारियों की बिक्री भी प्रभावित हुई.

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