जमशेदपुर के मोस्ट वांटेड अपराधी अखिलेश सिंह को संरक्षण देने वाले बिहार-झारखंड के कई नेताओं की जान सांसत में

रांची : हरियाणा के गुरुग्राम में संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा बिहार-झारखंड का नामी अपराधी अखिलेश सिंह अब अपने मददगारों के नाम उगलने लगा है. हरियाणा पुलिस को पूछताछ में उसने बताया बिहार और झारखंड के कई सफेदपोश उसके मददगार हैं. अखिलेश ने कुछ के नाम भी पुलिस को बता दिये हैं. […]

रांची : हरियाणा के गुरुग्राम में संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा बिहार-झारखंड का नामी अपराधी अखिलेश सिंह अब अपने मददगारों के नाम उगलने लगा है. हरियाणा पुलिस को पूछताछ में उसने बताया बिहार और झारखंड के कई सफेदपोश उसके मददगार हैं. अखिलेश ने कुछ के नाम भी पुलिस को बता दिये हैं. इसकी खबर मिलते ही झारखंड और बिहार में उसे संरक्षण देनेवाले नेताओं के होश उड़े हुए हैं.

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पूछताछ में अखिलेश ने बताया किबिहार और झारखंड ही नहीं, उत्तर प्रदेश के बनारस में भी कुछ राजनेताओं से उसके संपर्क हैं. अलग-अलग राज्यों के अपने राजनीतिक कनेक्शन की वजह से ही वह इतने दिनों तक पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा. फरारी के दौरानसमेत झारखंड के कई सफेदपोश लोगों से होना बताया है. सफेदपोशों के नाम भी पुलिस को बतायेहैं, जिन्होंने फरारी के दौरान पुलिस से बचने में उनकी मदद की.

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बताया जा रहा है कि जेल से निकलने और उसके बाद फरार होने में भी कुछ सफेदपोश लोगों ने ही उसकी मदद की. हरियाणा पुलिस और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान अखिलेश सिंह के कमरे में कई दस्तावेज मिले हैं. इन दस्तावेजों से पता चला है कि झारखंड समेत आठ राज्यों में उसकी चल-अचल संपत्तियां हैं. इन संपत्तियों की जांच की जिम्मेवारी केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंपी जायेगी.

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अखिलेश ने मनी लांड्रिंग के जरिये भी अकूत संपत्ति कमायी है. इतना ही नहीं, अपने जमा खातों को कई नामों से ऑपरेट किया है. उसने पहचान छुपाने के साथ ही इनकम टैक्स से बचने के उपाय भी कर रखे थे. अखिलेश के पास कई पहचान पत्र के साथ ही कई पैन कार्ड भी हैं. उन पैन कार्डों के आधार पर इनकम टैक्स विभाग भी उसके लेन-देन की जांच करेगा.

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